घूसखोर डॉक्टर का 'सोने का खजाना': ACB की सर्च में मिला 1 करोड़ का सोना
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जयपुर के SMS अस्पताल के न्यूरोसर्जरी HOD और एडिशनल प्रिंसिपल डॉ. मनीष अग्रवाल को 9 अक्टूबर को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गोपालपुरा में ट्रैप के दौरान उनके कर्मचारी जगत ने रिश्वत की रकम फेंकी
जयपुर, 14 अक्टूबर 2025: राजस्थान के सबसे बड़े सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में भ्रष्टाचार का काला कारनामा लगातार खुलासा हो रहा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने न्यूरोसर्जरी विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट (HOD) और SMS मेडिकल कॉलेज के एडिशनल प्रिंसिपल डॉ. मनीष अग्रवाल के ठिकानों पर छापेमारी की, जहां उनके बैंक लॉकर से करीब 900 ग्राम सोने की ज्वेलरी (लगभग 1 करोड़ रुपये मूल्य की) बरामद हुई है। पूछताछ में डॉक्टर ने खुद को SMS प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी का 'बहुत क्लोज' बताया है, लेकिन ACB को शक है कि वह जांच में गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। एजेंसी को आशंका है कि डॉ. अग्रवाल के पास और भी बैंक लॉकर हो सकते हैं, जहां से भ्रष्टाचार की कमाई छिपाई गई हो।
यह मामला 9 अक्टूबर को शुरू हुआ था, जब ACB ने गोपालपुरा स्थित डॉ. अग्रवाल के मकान पर एक मरीज को देखते हुए 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। ट्रैप के दौरान बचने के लिए उन्होंने हेड कॉन्स्टेबल को पैसे देकर मामला रफा-दफा करने की पेशकश तक कर दी थी। डॉक्टर के कर्मचारी जगत ने रिश्वत की रकम को घर के पास एक खाली प्लॉट में फेंक दिया था, लेकिन ACB टीम ने उसे बरामद कर लिया। जगत को भी गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम:रिश्वत से सर्जरी तक का खेल
ACB के अनुसार, शिकायतकर्ता ब्रेन कॉइल सप्लायर था, जिसके 12 लाख रुपये के बिल पेंडिंग थे। डॉ. अग्रवाल ने इन्हें क्लियर करने के बदले 1 लाख रुपये की मांग की थी। ACB के एडिशनल एसपी संदीप सरस्वत ने बताया, "शिकायत की पुष्टि के बाद हमने वसुंधरा कॉलोनी में ट्रैप लगाया। जैसे ही पैसे का लेन-देन हुआ, टीम ने डॉक्टर को पकड़ लिया।" ACB के डीआईजी अनिल कायल के नेतृत्व में यह कार्रवाई डायरेक्टर जनरल स्मिता श्रीवास्तव के निर्देश पर हुई।गिरफ्तारी के बाद ACB ने 11 अक्टूबर को SMS अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के दफ्तरों पर छापा मारा, जहां से प्रोक्योरमेंट, उपकरण खरीद, स्टोर इंडेंट और डॉ. अग्रवाल के हस्ताक्षर वाले पेमेंट दस्तावेज जब्त किए गए। अधिकारियों का कहना है कि डॉक्टर के कार्यकाल के सभी लेन-देन की जांच की जा रही है। बाकी रिकॉर्ड सोमवार को सील किए जाएंगे।
पूछताछ में 'क्लोज' कनेक्शन और जलन का बहाना
ACB की पूछताछ में डॉ. अग्रवाल ने सफाई दी कि "मेरे से जलने वाले लोगों ने ही शिकायत की है। मुझे बड़ी जिम्मेदारियां मिलने से उन्हें जलन हो गई।" उन्होंने खुद को SMS प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी का करीबी बताया, जो संभवतः जांच को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है। लेकिन ACB को विश्वास नहीं हो रहा। एजेंसी ने सोमवार को डॉक्टर के बैंक लॉकर खोले, जहां से 900 ग्राम सोना बरामद हुआ। यह सोना ज्वेलरी के रूप में था, जिसकी कीमत वर्तमान बाजार दर पर करीब 1 करोड़ रुपये आंकी गई है।
ACB को शक है कि यह रकम केवल बिल क्लियर करने वाली रिश्वत से ही नहीं, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे भ्रष्टाचार से जमा हुई है। डॉक्टर के पास अन्य लॉकरों की तलाश जारी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "डॉ. अग्रवाल न केवल HOD और एडिशनल प्रिंसिपल थे, बल्कि हाल ही में आग लगने वाले ICU के प्रभारी भी थे। जयपुर हैंडबॉल संघ के अध्यक्ष और राजस्थान हैंडबॉल संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष होने के बावजूद ऐसी कमाई संदिग्ध है।"