जयपुर ऑडी हादसा: आरोपी को भगाने वाले दोस्त भी फंसे, पहली बार मददगारों पर FIR

जयपुर ऑडी हादसे में फरार आरोपी दिनेश रणवा के साथ उसे बचाने वाले दोस्त भी पुलिस की गिरफ्त में आए।

Jan 15, 2026 - 11:54
जयपुर ऑडी हादसा: आरोपी को भगाने वाले दोस्त भी फंसे, पहली बार मददगारों पर FIR

राजधानी जयपुर के बहुचर्चित ऑडी कार हादसे में अब जांच का दायरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। पुलिस का दावा है कि इस मामले में सिर्फ मुख्य आरोपी ही नहीं, बल्कि उसकी मदद करने वाले लोग भी कानून के शिकंजे में फंस चुके हैं। यह राजस्थान का पहला ऐसा मामला बताया जा रहा है, जिसमें आरोपी को भगाने में मदद करने वालों पर भी नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि, हादसे के वक्त ऑडी कार चला रहा मुख्य आरोपी दिनेश रणवा अब भी फरार है।

हादसे की रात क्या हुआ?

9 जनवरी की रात करीब 9:21 बजे मानसरोवर इलाके के खरबास सर्किल पर एक तेज रफ्तार ऑडी कार ने कहर बरपा दिया। रेसिंग कर रही कार पहले डिवाइडर से टकराई और फिर सड़क किनारे लगी फूड स्टॉल्स में घुस गई। हादसे के समय वहां करीब 50 लोग मौजूद थे। इस दुर्घटना में 16 लोग चपेट में आए, एक युवक की मौत हो गई और चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

शराब पार्टी से फरारी तक

पुलिस जांच में सामने आया है कि दिनेश रणवा ने हादसे से पहले दिनभर शराब पी थी। उसने आमेर इलाके से दोपहर में ही शराब खरीदी थी। हादसे के बाद वह कार मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पहले घर पहुंचा, वहां से 2 लाख रुपए नकद लिए और पत्नी को गांव जाने के लिए कहा। इसके बाद वह अपने फ्लैट पहुंचा और दोस्तों को बुलाया।


दोस्तों ने कैसे की मदद

दिनेश ने सबसे पहले अपने बचपन के दोस्त नितिन को हादसे की जानकारी दी। नितिन मौके पर पहुंचा, लेकिन दिनेश वहां नहीं मिला। बाद में वह फ्लैट पर मिला, जहां वह नशे की हालत में बेसुध पड़ा था। नितिन ने सुमित और फिर डॉ. अशोक मीणा को बुलाया। तीनों ने मिलकर दिनेश को एक सुरक्षित जगह पहुंचाने की कोशिश की। फ्लैट की चाबी लेने वे भागचंद के घर पहुंचे, जिसने दिनेश को अपने घर में सुला लिया।

सुबह खुली आंख, अखबार देखकर उड़े होश

अगली सुबह जब दिनेश ने अखबार में हादसे की खबर पढ़ी, तो उसके होश उड़ गए। इसके बाद भागचंद और नितिन ने उसे वहां से भागने की सलाह दी। भागचंद का भाई शिवराज उसे अपनी कार से लेकर निकला, लेकिन रास्ते में मौका पाकर दिनेश कार छोड़कर फरार हो गया।

मददगारों पर कसा शिकंजा

पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए दिनेश की मदद करने वाले पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें नितिन, सुमित कुमार, डॉ. अशोक मीणा, भागचंद और उसका भाई शिवराज शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन सभी को दिनेश के अपराध की जानकारी थी, इसके बावजूद उन्होंने उसे बचाने में मदद की।

पुलिसकर्मी और एक अन्य आरोपी भी घेरे में

हादसे के वक्त कार में मौजूद कॉन्स्टेबल मुकेश रणवा पर भी गंभीर आरोप हैं। पुलिसकर्मी होने के बावजूद उसने न तो नशे में गाड़ी चलाने से रोका और न ही हादसे की सूचना दी। वहीं, पप्पू चौधरी पर भी कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

टेक्निकल सबूत जुटाने की तैयारी

पुलिस अब ऑडी कार की फॉरेंसिक जांच कराने की तैयारी में है। कंपनी के इंजीनियरों की मदद से कार में लगी चिप के जरिए हादसे के वक्त की स्पीड, ब्रेक लगाने की स्थिति और अन्य तकनीकी जानकारियां जुटाई जाएंगी।

पुलिस का दावा

डीसीपी नॉर्थ राजर्षि राज ने बताया कि दिनेश रणवा और उसके साथी मांगीलाल की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।यह मामला अब सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि कानून से बचने की कोशिश और साजिश का बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई से यह साफ है कि आरोपी को बचाने वालों पर भी कानून उतनी ही सख्ती से कार्रवाई करेगा।