दीवाली पर चारदीवारी जयपुर में सजे पटाखों के बाजार, पर सुरक्षा अब भी नदारद।

दीवाली से पहले जयपुर की चारदीवारी में पटाखों के बाजार सजे हैं, पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी और फायर टीमों की गैरमौजूदगी दिखलाई दे रही है।

Oct 16, 2025 - 12:19
दीवाली पर चारदीवारी जयपुर में सजे पटाखों के बाजार, पर सुरक्षा अब भी नदारद।
दीवाली पर सजा जयपुर

जयपुर: रोशनी का त्योहार नज़दीक है और जयपुर की दीवारों में फिर से पटाखों के बाजार जगमगा उठे हैं। लेकिन इन रंगीन रोशनी के पीछे एक सच्चाई छिपी है — सुरक्षा अब भी सबसे कमजोर कड़ी बनी हुई है।

लाइसेंसों की बरसात, पर नियमों की अनदेखी

जयपुर पुलिस आयुक्तालय को इस बार कुल 2,083 आवेदन मिले, जिनमें से 1,394 व्यापारियों को स्थायी लाइसेंस जारी किए गए। वहीं जयपुर नगर निगम–हेरिटेज (JMC–H) ने 516 अस्थायी अनुमति पत्र दिए।

नियमों के अनुसार नाबालिगों को बिक्री वर्जित है, मोमबत्ती या धूम्रपान सामग्री दुकान में नहीं रखी जा सकती, ऊपर कोई रिहायशी मंज़िल नहीं होनी चाहिए और हर दुकान में फायर एक्सटिंग्विशर व रेत-पानी की व्यवस्था अनिवार्य है।

कागज़ों पर नियम, हकीकत में खतरा

हवा महल और किशनपोल बाजारों की गलियों में दुकानों के बीच मुश्किल से एक फुट की दूरी है। हर तरफ पटाखों के ढेर और सूखे गत्तों का जमाव — मानो चिंगारी का इंतज़ार हो।

विजय अग्रवाल, जिनकी दुकान हवा महल से 300 मीटर दूर है, बताते हैं, “हमारी दुकान 60 साल पुरानी है, ऊपर कुछ नहीं रखा, और चार फायर एक्सटिंग्विशर रखे हैं।”

लेकिन ‘फैंसी फायरक्रैकर्स’ जैसी दुकानों में सिर्फ एक एक्सटिंग्विशर और ऊपर किराएदार दिखे। कई दुकानों के बाहर सूखा कचरा और पैकिंग सामग्री बिखरी हुई थी।

फायर टीमें सिर्फ कागज़ों पर तैनात

भले ही JMC–H कमिश्नर निधि पटेल कहती हैं कि “मुख्य बाजारों में फायर फाइटर टीमें मौजूद हैं,” लेकिन मौके पर एक भी टीम दिखाई नहीं दी। किशनपोल में कई दुकानों के ऊपर परिवार रहते हैं और एक दुकान तो चाय की थड़ी के ठीक पास थी — ज़रा सी लापरवाही बड़े हादसे में बदल सकती है।

Prahlad Ratnoo As a passionate reader, I believe every story deserves to be heard. I strive to bring heartfelt stories to life.