केकड़ी अवैध खनन विवाद: हेड कॉन्स्टेबल सस्पेंड, डोटासरा-जूली के आरोप, MLA का पलटवार

केकड़ी में हेड कॉन्स्टेबल सस्पेंड मामला: अवैध खनन, सियासी आरोप-प्रत्यारोप और पुलिस पर दबाव की जंग

Jan 7, 2026 - 12:45
केकड़ी अवैध खनन विवाद: हेड कॉन्स्टेबल सस्पेंड, डोटासरा-जूली के आरोप, MLA का पलटवार

केकड़ी सदर थाने में तैनात हेड कॉन्स्टेबल (एएसआई) राजेश मीणा को सस्पेंड किए जाने का मामला अब सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। इस प्रकरण ने राजनीतिक रंग ले लिया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा और प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताया है।

डोटासरा का आरोप: अवैध खनन को संरक्षण

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सरकार को घेरते हुए लिखा कि एएसआई राजेश मीणा ने भाजपा नेताओं के संरक्षण में चल रहे अवैध खनन को रोकने की कोशिश की, इसी कारण उन्हें पीटा गया और बाद में सस्पेंड कर दिया गया। उन्होंने इसे कानून के राज पर सीधा हमला बताया। डोटासरा का कहना है कि भाजपा नेताओं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है और कर्तव्य निभाने वाले पुलिसकर्मियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा सरकार अवैध खनन के आगे पूरी तरह समर्पण कर चुकी है।

टीकाराम जूली बोले: बजरी माफिया बेलगाम

प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली ने भी एक्स पर बयान जारी कर खारी नदी क्षेत्र में बजरी से भरे डंपर से हुए हादसे का जिक्र किया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। उन्होंने इसे सिर्फ दुर्घटना नहीं, बल्कि बजरी माफिया द्वारा किया गया “खुला कत्ल” बताया।जूली ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के राज में माफिया को खुली छूट है और पुलिसकर्मियों को डराया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों, संरक्षण देने वाले जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

विधायक शत्रुघ्न गौतम का जवाब

केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम ने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि विरोधी लोग उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।विधायक के अनुसार जिन ट्रैक्टरों और डंपरों को पकड़ा गया था, उनकी जांच खनिज विभाग ने की और उन्हें सही पाया गया। उन्होंने कहा कि सही के साथ सही होगा और गलत के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हेड कॉन्स्टेबल पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वह वैध काम करने वालों को भी परेशान कर रहा था।

केकड़ी सिटी थाने में मामला दर्ज

सीओ हर्षित शर्मा ने बताया कि पीड़ित ओमप्रकाश गुर्जर की रिपोर्ट के आधार पर एएसआई राजेश मीणा के खिलाफ केकड़ी सिटी थाने में मामला दर्ज किया गया है। आरोप हैं कि उन्होंने मारपीट की, वाहन में तोड़फोड़ की और सरकारी पिस्टल दिखाकर धमकाया।मामले की जांच सीआई कुसुमलता कर रही हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद अजमेर एसपी वंदिता राणा ने राजेश मीणा को मंगलवार शाम सस्पेंड कर दिया।

क्या है पूरा मामला

सापंदा निवासी ओमप्रकाश गुर्जर ने रिपोर्ट में बताया कि सोमवार रात वह केकड़ी अस्पताल आया था। बाहर चाय पीते समय सफेद गाड़ी में आए कुछ लोगों ने, जिनमें एक वर्दीधारी भी था, उसके साथ मारपीट की। बाद में थाने के अंदर भी मारपीट और पिस्टल दिखाकर धमकाने के आरोप लगाए गए।

हेड कॉन्स्टेबल की सफाई

एएसआई राजेश मीणा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने अवैध खनन से जुड़े डंपर, ट्रैक्टर और जेसीबी पकड़े थे और उन्हें छोड़ने का दबाव डाला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक के दबाव में उन्हें सस्पेंड किया गया

पुलिस का पक्ष

केकड़ी सदर थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद चौधरी ने इन आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि न तो किसी प्रकार का दबाव था और न ही अवैध वाहनों को छोड़ने की बात कही गई। सस्पेंशन की कार्रवाई केवल घटनाक्रम के आधार पर की गई है।यह मामला अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप, अवैध खनन और पुलिस की भूमिका को लेकर बड़ा सवाल बन गया है। जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि सच्चाई किसके पक्ष में है