खेजड़ी के लिए महासंग्राम: बीकानेर में उमड़ा जनसैलाब, 'सिर कटा देंगे पर पेड़ नहीं'

राजस्थान के बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन का महापड़ाव 1 लाख लोगों का हुजूम,बाजार बंद और सोलर कंपनियों के खिलाफ आर-पार की जंग पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Feb 2, 2026 - 15:09
खेजड़ी के लिए महासंग्राम: बीकानेर में उमड़ा जनसैलाब, 'सिर कटा देंगे पर पेड़ नहीं'

राजस्थान राजस्थान के राज्य वृक्ष खेजड़ी को बचाने के लिए बीकानेर में आंदोलन ने अब एक विराट रूप ले लिया है। सोलर प्रोजेक्ट्स के नाम पर हो रही पेड़ों की कटाई के विरोध में आज बीकानेर में 'महापड़ाव' डाला गया है इस आंदोलन की गूँज न केवल राजस्थान, बल्कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश तक पहुँच गई है। पर्यावरण की रक्षा के लिए व्यापारियों ने बाजार बंद रखे हैं और स्कूलों में आधे दिन की छुट्टी घोषित की गई है।

"सिर साठे रुँख रहै, तो भी सस्तो जाण"

आंदोलनकारियों के हाथों में थमी तख्तियों पर लिखा यह नारा 1730 के खेजड़ली बलिदान की याद दिलाता है। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि वे अपनी गर्दन कटा सकते हैं, लेकिन खेजड़ी के पेड़ों को कटने नहीं देंगे। आंदोलनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी माँगें नहीं मानी गईं, तो समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। यह विरोध केवल एक समाज का नहीं, बल्कि 'सर्व समाज' का आंदोलन बन चुका है।

सोलर कंपनियों पर गंभीर आरोप

पश्चिमी राजस्थान में सोलर कंपनियाँ तेज़ी से अपने प्रोजेक्ट्स लगा रही हैं। आरोप है कि ये कंपनियाँ विकास की आड़ में बड़े पैमाने पर खेजड़ी के हरे पेड़ों को काट रही हैं। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि कंपनियाँ रात के अंधेरे में पेड़ों को काटकर उन्हें जमीन में दबा देती हैं ताकि किसी को पता न चले। पिछले एक महीने से करणीसर भाटियान और कलेक्ट्रेट के सामने लोग धरने पर बैठे हैं, जहाँ कई महिलाओं की तबीयत भी खराब हो चुकी है, लेकिन आंदोलन का जज्बा कम नहीं हुआ है।

देश भर से जुट रही है भीड़

बीकानेर के पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान और बिश्नोई धर्मशाला के पास जनसैलाब उमड़ पड़ा है। सांचौर से 10 बसों में भरकर लोग पहुँचे हैं, तो वहीं हरियाणा के हिसार से भी बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी यहाँ आए हैं। आंदोलन में शामिल होने आए लोगों ने वर्तमान सरकार की चुप्पी पर नाराजगी जताते हुए इसे 'गूंगी-बहरी सरकार' करार दिया है एक लाख लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था। आंदोलन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में करीब एक लाख लोगों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा है।

राजनीतिक और सामाजिक समर्थन

इस आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिला है पूर्व मंत्रियों और वर्तमान नेताओं ने मंच साझा करते हुए कहा कि खेजड़ी राजस्थान की आस्था का प्रतीक है। जन्म से लेकर मृत्यु तक के संस्कारों में इसका महत्व है नेताओं ने आरोप लगाया कि कॉर्पोरेट घरानों के फायदे के लिए पर्यावरण की बलि दी जा रही है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

भारी भीड़ और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए बीकानेर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है कलेक्ट्रेट के सामने बैरिकेड्स लगाकर रास्तों को बंद कर दिया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार खेजड़ी की कटाई रोकने के लिए ठोस निर्णय नहीं लेती, यह महापड़ाव अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा