बाड़मेर: क्षेत्र पुरुषार्थ फाउंडेशन का 8वां स्थापना दिवस, सामाजिक एकता पर जोर
बाड़मेर में क्षेत्र पुरुषार्थ फाउंडेशन के स्थापना दिवस पर जातिवाद के खिलाफ भाईचारे और संवाद का संदेश दिया गया।
बाड़मेर शहर के एक निजी होटल में सोमवार को क्षेत्र पुरुषार्थ फाउंडेशन का आठवां स्थापना दिवस समारोह सादगी और सौहार्दपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर सामाजिक समरसता, भाईचारा और जातिवाद जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए।
विचार गोष्ठी में सामाजिक एकता पर जोर
समारोह के दौरान आयोजित विचार गोष्ठी का मुख्य संदेश रहा—“जाति नहीं, जातिवाद बुरा है”। वक्ताओं ने कहा कि समाज को बांटने वाली मानसिकता से ऊपर उठकर प्रेम, संवाद और सद्भाव के रास्ते पर चलना ही समय की आवश्यकता है। जातिवाद से ऊपर उठकर सभी वर्गों को एक मंच पर लाने से ही मजबूत और समावेशी समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम की शुरुआत और स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत क्षेत्रीय युवक संघ के संस्थापक तनु सिंह की तस्वीर पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद फाउंडेशन की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी दी गई। आयोजकों ने बताया कि बीते आठ वर्षों से फाउंडेशन सामाजिक सौहार्द, युवाओं के सशक्तिकरण और संवाद आधारित पहल पर निरंतर कार्य कर रहा है।
‘जातिवाद से ऊपर उठना जरूरी’
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि जाति स्वयं में समस्या नहीं है, बल्कि जातिवाद समाज को कमजोर करता है। प्रेम, सद्भाव और संवाद से ही समाज आगे बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जातिवाद से बाहर निकलना संभव है, बशर्ते हम निरंतर सकारात्मक प्रयास करें और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता दें।
संवाद से बनेगा मजबूत समाज
विचार गोष्ठी में यह भी रेखांकित किया गया कि विभिन्न समाजों के बीच संवाद स्थापित करना बेहद आवश्यक है। वक्ताओं ने कहा कि एक-दूसरे की बात सुनने और समझने से ही गलतफहमियां दूर होती हैं। फाउंडेशन की ओर से भविष्य में भी इस तरह के संवादात्मक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता जताई गई।
समाज के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी
समारोह में पूर्व जनप्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने एक स्वर में सामाजिक एकता, भाईचारे और सौहार्द को मजबूत करने का संकल्प लिया। उपस्थित वक्ताओं ने फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए सकारात्मक पहल बताया।
भविष्य की योजनाएं और संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में सामाजिक समरसता, युवाओं की भागीदारी और संवाद आधारित कार्यक्रमों को और विस्तार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज को जोड़ने वाले ऐसे प्रयास ही सशक्त और समृद्ध भविष्य की नींव रखते हैं।
सकारात्मक संदेश के साथ समापन
क्षेत्र पुरुषार्थ फाउंडेशन का आठवां स्थापना दिवस समारोह सामाजिक एकता और भाईचारे का स्पष्ट संदेश देकर संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जातिवाद से ऊपर उठकर इंसानियत और संवाद को अपनाने से ही समाज आगे बढ़ेगा। उपस्थित लोगों ने इस पहल को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हुए आयोजन को सफल बताया।