MLA फंड कमीशन विवाद: गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया क्यों रोते हुए निकले थे रेवंतराम डांगा
एमएलए फंड में कमीशन मामले पर शेखावत से मिले विधायक रेवंतराम डांगा, भावुक हुए, जांच जारी
राजस्थान में विधायक निधि (एमएलए लैड) से जुड़े कमीशन प्रकरण को लेकर सियासत तेज हो गई है। खींवसर से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा हाल ही में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात के दौरान भावुक हो गए थे। इस मुलाकात को लेकर केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने विधायक को कठोर शब्दों में समझाया और उनके आचरण को पार्टी की छवि के लिए नुकसानदेह बताया।
बीकानेर दौरे पर पहुंचे शेखावत ने मीडिया से कहा कि विधायक ने यह स्वीकार किया है कि इस पूरे मामले से पार्टी को नुकसान पहुंचा है। चाहे यह कृत्य जानबूझकर न हो या फिर भोलेपन में हुआ हो, लेकिन इसका असर भाजपा की छवि पर पड़ा है। मंत्री के अनुसार, इसी अहसास के कारण विधायक व्यथित हुए और उनकी आंखों में आंसू आ गए।
शेखावत ने यह भी कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि अब विधायक की आंखों में आए आंसुओं को लेकर भी राजनीति की जा रही है और पूरे प्रकरण को जरूरत से ज्यादा राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। गौरतलब है कि 21 दिसंबर को डांगा जोधपुर में शेखावत के घर पहुंचे थे। वहां से निकलते समय उन्हें आंसू पोंछते हुए देखा गया था, जिसके वीडियो भी सामने आए थे।
यह पूरा मामला 14 दिसंबर को सामने आया, जब एक मीडिया रिपोर्ट में विधायक निधि के कामों में 40 प्रतिशत तक कमीशन मांगने का आरोप उजागर हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, विकास कार्यों की अनुशंसा के बदले विधायकों से सौदेबाजी की गई। डांगा पर 50 लाख के काम के बदले 40 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगा।
इस खुलासे के बाद भजनलाल सरकार ने डांगा सहित तीन विधायकों के एमएलए लैड खाते सीज कर दिए। 19 दिसंबर को विधानसभा की सदाचार कमेटी ने तीनों विधायकों से पूछताछ की, लेकिन वे बेगुनाही के ठोस सबूत पेश नहीं कर पाए। बाद में समय देने के बाद अब कमेटी ने तीनों को 6 जनवरी को फिर से तलब किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और राजनीतिक हलकों में इस पर नजर बनी हुई है।