NSUI का ‘अरावली बचाओ’ पैदल मार्च, सचिन पायलट बेटे अरान के साथ हुए शामिल

जयपुर में NSUI का अरावली बचाओ पैदल मार्च, पुलिस ने गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे पर रोका, सचिन पायलट ने अवैध खनन पर उठाए सवाल।

Dec 26, 2025 - 15:49
NSUI का ‘अरावली बचाओ’ पैदल मार्च, सचिन पायलट बेटे अरान के साथ हुए शामिल

जयपुर में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने शुक्रवार को ‘अरावली बचाओ–भविष्य बचाओ’ अभियान के तहत पैदल मार्च निकाला। यह मार्च NSUI प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में जालूपुरा थाने के सामने से शुरू हुआ, जिसका उद्देश्य कलेक्ट्रेट तक पहुंचना था। हालांकि, पुलिस ने गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे पर मार्च को रोक दिया। पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन की अनुमति यहीं तक थी और आगे बढ़ने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद कुछ देर नारेबाजी कर मार्च को यहीं समाप्त कर दिया गया।

इस पैदल मार्च में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट भी शामिल हुए। खास बात यह रही कि वे पहली बार किसी राजनीतिक प्रदर्शन में अपने बेटे अरान पायलट के साथ नजर आए। पायलट ने मंच से अरावली में हो रहे अवैध खनन को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सैकड़ों जगह आज भी अवैध खनन जारी है, जिसे रोकने में सरकार नाकाम रही है। कोर्ट में हलफनामा देने और धरातल की हकीकत में बड़ा अंतर है।

सचिन पायलट ने 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को अरावली की परिभाषा से बाहर रखने के प्रस्ताव पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के आंकड़ों के अनुसार अरावली श्रृंखला में एक लाख से ज्यादा पहाड़ियां 100 मीटर से कम ऊंची हैं। ऐसे में इस परिभाषा से पूरी अरावली को खतरे में डाला जा रहा है।

मार्च में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और छात्र शामिल हुए। कई कार्यकर्ताओं ने सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ महिलाओं ने कहा कि जब तक फैसला वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक विरोध जारी रहेगा। विधायक रफीक खान समेत कई कांग्रेस नेता भी मार्च में मौजूद रहे।

NSUI नेताओं ने कहा कि अरावली केवल पहाड़ नहीं, बल्कि उत्तर भारत के लिए सुरक्षा कवच है। इसे बचाने की लड़ाई किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा सवाल है।