पंजाब से आए तीन खूंखार शूटरों की साजिश नाकाम: गोलू पंडित हत्याकांड का बदला लेने राजस्थान पहुंचे, स्कॉर्पियो के 'सीक्रेट चैंबर' से बरामद हुआ विदेशी ग्लॉक पिस्टल!

हनुमानगढ़ जिले (राजस्थान) में पुलिस ने एक बड़ी गैंगवार को रोक दिया। पंजाब के विशाल पचार उर्फ बॉक्सर गैंग के तीन शूटर—सन्नी, संजीव और रवि—अपने साथी गोलू पंडित (अकाश पंडित) की हत्या का बदला लेने के लिए राजस्थान आए थे। गोलू पंडित की हत्या दिसंबर 2025 में पंजाब के अबोहर कोर्ट कॉम्प्लेक्स के पार्किंग में गोली मारकर की गई थी, जो गैंग राइवलरी का नतीजा मानी जा रही है। इन शूटरों को एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और संगरिया पुलिस ने वारदात से पहले ही गिरफ्तार कर लिया। हेरोइन तस्करी के एक पुराने मामले में पकड़े गए गैंग सदस्यों की पूछताछ से सुराग मिला। उनकी इस्तेमाल वाली स्कॉर्पियो गाड़ी में सीक्रेट चैंबर से विदेशी ग्लॉक पिस्टल बरामद हुई, जो बदले की वारदात के लिए लाई गई थी। पुलिस अब जांच कर रही है कि राजस्थान में इनको सपोर्ट कौन कर रहा था, असली टारगेट कौन थे और बॉक्सर गैंग का पूरा नेटवर्क कैसे काम कर रहा है। यह गिरफ्तारी पंजाब-राजस्थान बॉर्डर पर क्रॉस-स्टेट गैंगस्टर एक्टिविटी के खिलाफ बड़ी सफलता है।

Jan 28, 2026 - 16:10
पंजाब से आए तीन खूंखार शूटरों की साजिश नाकाम: गोलू पंडित हत्याकांड का बदला लेने राजस्थान पहुंचे, स्कॉर्पियो के 'सीक्रेट चैंबर' से बरामद हुआ विदेशी ग्लॉक पिस्टल!
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हनुमानगढ़ जिले की सीमा पर एक बार फिर पुलिस की मुस्तैदी ने बड़ी गैंगवार को जन्म लेने से पहले ही दबोच लिया। पंजाब के कुख्यात विशाल पचार उर्फ बॉक्सर गैंग के तीन सक्रिय सदस्य—सन्नी, संजीव और रवि—अपने साथी गोलू पंडित की हत्या का खूनी बदला लेने के इरादे से राजस्थान घुसे थे। लेकिन एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और संगरिया पुलिस की संयुक्त टीम ने इन्हें वारदात को अंजाम देने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया।

बदले की आग में जलते शूटरों का प्लान

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि ये तीनों शूटर गोलू पंडित की हत्या का बदला लेने के लिए निकले थे। गोलू पंडित (जिन्हें अकाश पंडित के नाम से भी जाना जाता था) पंजाब के फाजिल्का जिले के अबोहर में दिसंबर 2025 में अदालत परिसर के पार्किंग लॉट में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह हत्या गैंगवार का हिस्सा मानी जा रही थी, जिसमें गग्गी लहोरिया जैसे नाम जुड़े थे। गोलू पंडित एक मंदिर के पुजारी के बेटे थे और उन पर हथियार कानून के तहत कई मामले दर्ज थे।

बॉक्सर गैंग के ये सदस्य राजस्थान में किसी बड़े टारगेट को निशाना बनाने की फिराक में थे। उनका मकसद सिर्फ बदला नहीं, बल्कि पूरे इलाके में दहशत फैलाना और गैंग की ताकत दिखाना था। लेकिन पुलिस की सूचना तंत्र और लगातार निगरानी ने उनकी मंशा को धराशायी कर दिया।

स्कॉर्पियो में छिपा 'सीक्रेट चैंबर' और विदेशी हथियार

इस ऑपरेशन की सबसे चौंकाने वाली खोज तब हुई जब पुलिस ने चार दिन पहले हेरोइन तस्करी के मामले में पकड़े गए इसी गैंग के अन्य सदस्यों से रिमांड पर पूछताछ की। आरोपियों की निशानदेही पर जब नशा तस्करी में इस्तेमाल वाली स्कॉर्पियो गाड़ी की तलाशी ली गई, तो अंदर एक खास गुप्त खाना (सीक्रेट चैंबर) मिला। इस छिपे हुए कम्पार्टमेंट में एक विदेशी ग्लॉक पिस्टल बरामद हुई, जिसका इस्तेमाल बदले की इस खूनी वारदात में होना था।

ग्लॉक पिस्टल—जो अपनी विश्वसनीयता और आसान छिपाने की क्षमता के लिए कुख्यात अपराधियों में लोकप्रिय है—पुलिस के लिए बड़ा सुराग साबित हुई। यह हथियार गैंग के क्रॉस-बॉर्डर कनेक्शन की ओर भी इशारा करता है।

AGTF और संगरिया पुलिस की मास्टरस्ट्रोक

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद बिश्नोई ने इसे संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता करार दिया। संगरिया थाना प्रभारी अमर सिंह की टीम ने AGTF के साथ मिलकर इन शूटरों को ट्रैक किया। चार दिन की लगातार निगरानी, इंटेलिजेंस और रिमांड पूछताछ के बाद यह ऑपरेशन सफल हुआ।

पुलिस अब इन सवालों के जवाब तलाश रही है:

- राजस्थान में इन शूटरों को पनाह देने वाला कौन था?

- इनका असली निशाना कौन-कौन था?

- बॉक्सर गैंग का नेटवर्क कितना फैला हुआ है?

एएसपी बिश्नोई के अनुसार, इस गैंग के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए छापेमारी और जांच जारी है।

यह गिरफ्तारी न केवल हनुमानगढ़ जिले को बड़ी गैंगवार से बचा सकती है, बल्कि पंजाब-राजस्थान बॉर्डर पर सक्रिय क्रॉस-स्टेट गैंगस्टर नेटवर्क के लिए भी बड़ा झटका है। पुलिस की इस मुस्तैदी ने एक बार फिर साबित किया कि खून के बदले खून का चक्र अब इतना आसान नहीं रहा।

Nathusingh BA/MA Arts