राजस्थान में अरावली बचाओ अभियान: कांग्रेस का प्रदेशभर में पैदल मार्च और विरोध

राजस्थान में अरावली संरक्षण को लेकर कांग्रेस ने कई जिलों में पैदल मार्च कर सरकार की नीतियों का विरोध किया।

Dec 27, 2025 - 18:20
राजस्थान में अरावली बचाओ अभियान: कांग्रेस का प्रदेशभर में पैदल मार्च और विरोध

राजस्थान में अरावली पर्वतमाला के संरक्षण को लेकर कांग्रेस पार्टी ने प्रदेशभर में जोरदार अभियान चलाया। इस दौरान कई जिलों में पैदल मार्च, नारेबाजी और केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए गए। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि अरावली केवल पहाड़ों की श्रृंखला नहीं है, बल्कि यह जल, पर्यावरण और जीवन की रक्षा करने वाली जीवनरेखा है।

कांग्रेस का आरोप है कि सरकार द्वारा अरावली की नई परिभाषा तय कर 100 मीटर तक की पहाड़ियों को खनन योग्य मान लिया गया है, जिससे बड़े पैमाने पर खनन को बढ़ावा मिलेगा। पार्टी ने चेतावनी दी कि इससे जल स्तर गिरेगा, पर्यावरण संतुलन बिगड़ेगा और आने वाली पीढ़ियों को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

 

डीडवाना में कांग्रेस ने हॉस्पिटल चौराहे से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। पूर्व विधायक चेतन डूडी ने कहा कि नई नीतियों से खनन गतिविधियां तेज होंगी और क्षेत्र की जीवन रेखा खतरे में पड़ जाएगी। वहीं बूंदी में कांग्रेस नेताओं ने अरावली को पर्यावरण और संस्कृति से जोड़ते हुए इसे बचाने को नैतिक जिम्मेदारी बताया।

डूंगरपुर में विधायक गणेश घोघरा के नेतृत्व में जन-जागरण पदयात्रा निकाली गई, जिसमें नई परिभाषा को वापस लेने की मांग उठी। झुंझुनू में बैनर-पोस्टर के साथ पैदल मार्च निकाला गया और भाजपा सरकार पर खनन माफियाओं से सांठगांठ का आरोप लगाया गया।

नागौर में सीमित संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण और सशक्त रहा। करौली में भी कांग्रेस ने पर्यावरण संतुलन बचाने की अपील करते हुए पैदल मार्च किया।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर हुए इन कार्यक्रमों से अरावली संरक्षण को लेकर जन-जागरण का संदेश पूरे राजस्थान में फैलाने की कोशिश की गई। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह अरावली बचाने की लड़ाई आगे भी जारी रखेगी।