राजस्थान चुनाव में बड़ा बदलाव अब अनपढ़ भी लड़ सकेंगे चुनाव,2 संतान वाली पाबंदी हटेगी

निकाय और पंचायत चुनावों में अब शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य नहीं होगी साथ ही दो से अधिक संतान वालों के चुनाव लड़ने पर लगी रोक हटाने की तैयारी भी शुरू हो गई है

Feb 5, 2026 - 11:55
राजस्थान चुनाव में बड़ा बदलाव अब अनपढ़ भी लड़ सकेंगे चुनाव,2 संतान वाली पाबंदी हटेगी

राजस्थान में स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों को लेकर सरकार ने एक बड़ा रुख साफ किया है सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में पार्षद,सरपंच या अन्य स्थानीय प्रतिनिधि बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता की कोई अनिवार्यता नहीं होगी यानी अब बिना किसी डिग्री या स्कूली शिक्षा के भी कोई भी व्यक्ति चुनाव मैदान में उतर सकेगा वर्तमान में राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 में शैक्षणिक योग्यता को लेकर कोई कठोर नियम नहीं है और फिलहाल इसमें बदलाव का कोई प्रस्ताव भी विचाराधीन नहीं है।

दो से ज्यादा संतान वालों को मिल सकती है राहत

सबसे बड़ा बदलाव संतान संबंधी नियमों में देखने को मिल सकता है नवंबर 1995 के बाद जिस भी व्यक्ति के दो से ज्यादा बच्चे हैं,उनके चुनाव लड़ने पर रोक थी लेकिन अब सरकार इस नियम में ढील देने पर विचार कर रही है सरकार ने विधानसभा में बताया कि राजस्थान नगरपालिका अधिनियम की धारा 24 में संशोधन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है 30 साल पुराने नियमों में बदलाव की सुगबुगाहट

बता दें कि 1994 में तत्कालीन भैरोंसिंह शेखावत सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण को बढ़ावा देने के लिए यह कड़ा कानून बनाया था इसके तहत चुनाव जीतने के बाद तीसरा बच्चा होने पर पद से हटाने तक का प्रावधान था हालांकि,सरकारी कर्मचारियों को इस मामले में वसुंधरा राजे सरकार के समय पहले ही कुछ राहत दी जा चुकी है।

अब अगर यह नया संशोधन पास हो जाता है,तो उन हजारों लोगों के लिए राजनीति के दरवाजे फिर से खुल जाएंगे जो सिर्फ तीसरी संतान होने के कारण अब तक चुनाव नहीं लड़ पा रहे थे हालांकि,पुराने नियमों के अनुसार अभी भी गोद दिए गए बच्चे को परिवार का हिस्सा माना जाता है और जुड़वां बच्चों को एक ही इकाई गिना जाता है।