राजस्थान पुलिस पर सीएम की फटकार, अशोक गहलोत ने बताया सरकार की कमजोरी
राजस्थान पुलिस पर सीएम की सख्त फटकार के बाद अशोक गहलोत का हमला, सरकार की प्रशासनिक पकड़ पर उठे सवाल
राजस्थान की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में आ गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा सार्वजनिक मंच से राजस्थान पुलिस को कड़ी फटकार लगाए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने इसे सरकार और मुख्यमंत्री की प्रशासनिक कमजोरी का प्रमाण बताया है।
आधुनिक पुलिसिंग पर सेमिनार में सीएम का सख्त रुख
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार (8 जनवरी) को राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित आधुनिक पुलिसिंग से जुड़े एक सेमिनार में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में फटकार लगाई।सीएम ने कहा कि हाल के दिनों में गुजरात एटीएस और मुंबई तथा पंजाब की एजेंसियों द्वारा राजस्थान में आकर कार्रवाई की गई, लेकिन इसकी जानकारी राजस्थान पुलिस और इंटेलिजेंस को नहीं थी। उन्होंने इसे गंभीर विफलता बताते हुए कहा कि जिला स्तर की पुलिस को इस तरह की गतिविधियों की जानकारी होना अनिवार्य है।
‘बिना जानकारी कार्रवाई होना सिस्टम की खामी’
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि दूसरे राज्यों की एजेंसियां राजस्थान में आकर कार्रवाई करें और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक न लगे, तो यह सिस्टम की बड़ी खामी को दर्शाता है। उन्होंने साफ कहा कि इस व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करना होगा।सीएम ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आधुनिक तकनीक के साथ बेहतर समन्वय और तेज़ कार्रवाई की क्षमता विकसित करें। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यशैली में बदलाव जरूरी है, ताकि आमजन को समय पर राहत मिल सके।
अपराध और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दो टूक कहा कि राजस्थान सरकार की नीति अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी पुलिस अधिकारी या कर्मी आमजन को राहत देने में नाकाम साबित होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।सीएम ने यह भी कहा कि पुलिस को जवाबदेह बनाना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अशोक गहलोत का सरकार पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बड़ी विडंबना है कि राज्य के मुख्यमंत्री खुद स्वीकार कर रहे हैं कि राजस्थान पुलिस को बिना जानकारी दिए दूसरे राज्यों की पुलिस यहां कार्रवाई कर रही है।गहलोत ने इसे राजस्थान पुलिस के सूचना तंत्र के ध्वस्त होने का प्रमाण बताते हुए कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।
‘भाजपा शासित राज्यों में भी तालमेल नहीं’
अशोक गहलोत ने कहा कि गुजरात और महाराष्ट्र दोनों ही राज्यों में भाजपा की सरकार है और राजस्थान में भी भाजपा का शासन है। इसके बावजूद यदि तीनों जगहों पर एक ही पार्टी की सरकार होते हुए भी ऐसा सिलसिला चल रहा है, तो यह राजस्थान सरकार और मुख्यमंत्री की कमजोरी को दर्शाता है।उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री खुद पुलिस पर सवाल खड़े कर रहे हैं, तो आम जनता अपनी सुरक्षा के लिए किस पर भरोसा करे।
गृह विभाग की जिम्मेदारी पर सवाल
गहलोत ने कहा कि गृह विभाग की कमान मुख्यमंत्री के पास है, ऐसे में उन्हें जवाब देना चाहिए कि आखिर राजस्थान पुलिस को इतना लाचार और सूचना-विहीन किसने बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस का मनोबल गिराकर और उन्हें सार्वजनिक रूप से नीचा दिखाकर सरकार अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकती।उन्होंने इसे सरकार की प्रशासनिक पकड़ कमजोर होने का जीवंत उदाहरण बताया।
सियासी बयानबाजी के बीच बड़ा सवाल
मुख्यमंत्री की फटकार और विपक्ष के हमले के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राजस्थान पुलिस की कार्यप्रणाली में वास्तव में बड़े सुधार की जरूरत है और सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी या यह मामला केवल सियासी आरोप-प्रत्यारोप तक ही सीमित रह जाएगा। फिलहाल यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में गरमाया हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और बहस तेज होने की संभावना है।