पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भजनलाल शर्मा से मांगा जवाब तृतीय श्रेणी के शिक्षकों का स्थाईकरण 4 महीनों से अटका
बाड़मेर जिले में तृतीय श्रेणी के शिक्षकों का स्थाईकरण पिछले 4 महीनों से अटका हुआ है,इस मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए है।
बाड़मेर
पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले में तृतीय श्रेणी के शिक्षकों का स्थाईकरण पिछले 4 महीनों से अटका हुआ है,इस मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए है।
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान भर्ती हुए शिक्षकों का प्रोबेशन सितंबर 2025 में पूरा हो चुका है,लेकिन इसके बावजूद दो हजार से ज्यादा शिक्षकों का स्थईकरण अब तक नहीं किया गया है।
स्थाईकरण में देरी के चलते बाड़मेर के शिक्षकों को अब भी 70 प्रतिशत वेतन कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
दरअसल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में साल 2022-23 के दौरान राज्य में 62000 तृतीय श्रेणी के शिक्षकों की भर्ती की गई थी।
इनमें से पश्चिमी बाड़मेर में 2 हजार से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी।
राजस्थान में सरकार बदलने के बाद भाजपा के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई भर्तियों के दस्तावेजो की जांच करवाई गई इसमें शिक्षक भर्ती भी शामिल थी।
बता दे कि इस मामले में पहले बाड़मेर शिक्षा विभाग की ओर से जांच पड़ताल की गई थी और उसके बाद में जालौर जिले की टीम से दस्तावेजों की जांच करवाई गई थी।
हालांकि कुछ मामलों को संदिग्ध बताया गया था लेकिन SOG की और से अब तक संदिग्धों की कोई सूची जारी नहीं की गई है।
बाड़मेर जिले के 2 हजार से ज्यादा तृतीय श्रेणी के शिक्षकों का प्रोबेशन पूरा हो गया था लेकिन स्थाईकरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ सकी।
बताया जा रहा है कि बाड़मेर जिले में फर्स्ट और सेकेंड लेवल शिक्षकों का प्रोबेशन पूरा होने पर शाला दर्पण के जरिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए। कार्याध्यक्ष की और से सेवा संतोषजनक प्रमाण पत्र की अनुशंसा के आधार पर 17 अक्टूबर को जिला स्थापना समिति की बैठक 17 अक्टूबर को हुई थी।
लेकिन इसके बावजूद 1491 शिक्षकों के स्थाईकरण से जुड़ा आदेश रद्द कर दिया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्विटर के माध्यम से ट्वीट कर भजनलाल सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बाड़मेर जिले के कई नवनियुक्त शिक्षकों ने जानकारी दी है कि करीब 2 हजार तृतीय श्रेणी के शिक्षकों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आग्रह किया है कि बाड़मेर जिले के शिक्षकों को उनका हक और अधिकार और पूरा वेतन दिलाया जाए।