कमीशनखोरी के स्टिंग में फंसे शिक्षा अधिकारी: करौली और नागौर के दो अफसर सस्पेंड,

राजस्थान शिक्षा विभाग ने विधायक निधि कोष के उपयोग में अनियमितता और 10% कमीशन मांगने के आरोप में दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन के बाद त्वरित कार्रवाई की। करौली के जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) पुष्पेंद्र कुमार शर्मा और नागौर जिले के मूंडवा ब्लॉक के ACBEO कैलाश राम को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई।

Dec 16, 2025 - 12:31
कमीशनखोरी के स्टिंग में फंसे शिक्षा अधिकारी: करौली और नागौर के दो अफसर सस्पेंड,

जयपुर। राजस्थान में विधायक निधि कोष (MLA LAD फंड) के उपयोग में कथित अनियमितताओं और कमीशन मांगने के गंभीर आरोपों के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने करौली जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) पुष्पेंद्र कुमार शर्मा और नागौर जिले के मूंडवा ब्लॉक के अतिरिक्त ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (एसीबीईओ) कैलाश राम को निलंबित कर दिया है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

यह कार्रवाई दैनिक भास्कर के हालिया स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर की गई है, जिसमें इन अधिकारियों पर वर्क ऑर्डर जारी करने के एवज में 10 प्रतिशत कमीशन मांगने के आरोप लगे थे। स्टिंग वीडियो सामने आने के बाद राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और शिक्षा विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

 निलंबन के आदेश और मुख्यालय परिवर्तन

करौली के जिला शिक्षा अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार शर्मा को पहले एपीओ (अटैच्ड पोस्टिंग ऑर्डर) किया गया था। इसके बाद संयुक्त शासन सचिव ने उन्हें औपचारिक रूप से निलंबित करने के आदेश जारी किए। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय बीकानेर स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशालय रखा गया है। 

वहीं, मूंडवा के एसीबीईओ कैलाश राम को माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने सोमवार देर शाम (लगभग साढ़े छह बजे) निलंबित करने के आदेश जारी किए। उनका निलंबन कालीन मुख्यालय बाड़मेर निर्धारित किया गया है।

स्टिंग ऑपरेशन में क्या हुआ खुलासा?

दैनिक भास्कर की जांच में एक डमी फर्म के माध्यम से संपर्क किया गया था। रिपोर्टर ने खुद को खादी ग्रामोद्योग बोर्ड से जुड़ी फर्म का मालिक बताया और स्कूलों में कार्पेट सप्लाई जैसे कार्यों के लिए विधायक निधि से अनुशंसा मांगी। इस दौरान अधिकारियों द्वारा कमीशन की मांग की गई, जो कैमरे में कैद हो गई। आरोप है कि ये अधिकारी विधायकों की अनुशंसा पर वर्क ऑर्डर जारी करने के बदले 10% कमीशन की डिमांड कर रहे थे।यह मामला हाल ही में विधायकों पर लगे कमीशनखोरी के आरोपों से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां नागौर और करौली क्षेत्र के विधायकों के नाम भी चर्चा में आए थे। हालांकि, वर्तमान कार्रवाई सीधे शिक्षा अधिकारियों पर केंद्रित है।शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, जांच में अगर आरोप साबित हुए तो और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार के ऐसे मामलों में तेजी से एक्शन लिया जा रहा है।