बाड़मेर में खत्री समाज का छठा सामूहिक विवाह सम्मेलन संपन्न: 19 जोड़े बने जीवनसाथी, सादगी और एकता की मिसाल
बाड़मेर में खत्री समाज का छठा सामूहिक विवाह सम्मेलन, 19 जोड़ों ने सादगी से लिए सात फेरे।
बाड़मेर।
सादगी और सामाजिक एकता की मिसाल पेश करते हुए खत्री समाज की ओर से आयोजित छठा सामूहिक विवाह सम्मेलन रविवार को कुशल वाटिका में धूमधाम से संपन्न हुआ। समारोह में 19 जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच सात फेरे लेकर एक-दूसरे का जीवनसाथी बनने का संकल्प लिया।
🔹 समाज की एकता और सहयोग से साकार हुआ आयोजन
मीडिया प्रभारी कन्हैयालाल डलोरा ने बताया कि यह आयोजन समाज के भामाशाहों, दानदाताओं और समाजबंधुओं के सहयोग से संभव हुआ। इस पहल का उद्देश्य समाज में फिजूलखर्ची और दिखावे की परंपरा को समाप्त कर सादगीपूर्ण विवाह की परंपरा को बढ़ावा देना है।
🔹 आकर्षक साज-सज्जा और पारंपरिक माहौल
कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। समाज के सदस्यों ने मंडप, पांडाल, बारात स्वागत, प्रीतिभोज और उपहार वितरण की जिम्मेदारी निभाई। नवदम्पतियों को वस्त्र, आभूषण, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और उपहार सामग्री भेंट की गई।
🔹 जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं
इस अवसर पर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, बाड़मेर विधायक प्रियंका चौधरी, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष स्वरूप सिंह खारा और पीसीसी सचिव आजाद सिंह राठौड़ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
सभी अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और समाज के इस प्रयास को प्रेरणादायक बताया।
रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि “जब विवाह समारोह दिखावे की होड़ बन गए हैं, ऐसे में यह आयोजन सादगी और सामाजिक एकता की मिसाल है।”
स्वरूप सिंह खारा ने कहा कि “सामूहिक विवाह भारतीय संस्कृति की जड़ों को मजबूत करते हैं।”
प्रियंका चौधरी ने समाज को इस सराहनीय पहल के लिए बधाई दी और कहा कि “अन्य समाजों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए।”
आजाद सिंह राठौड़ ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए सहयोग का आश्वासन दिया।
🔹 नंदलाल जी छुंछा ने किया भामाशाहों का सम्मान
संयोजक नंदलाल जी छुंछा ने बताया कि यह संस्थान का छठा सामूहिक विवाह सम्मेलन है। उन्होंने कहा कि “यह आयोजन समाज की एकजुटता और संस्कारों का सजीव उदाहरण है।”
संस्थान की ओर से नवदम्पतियों को विवाह जोड़ा, शेरवानी, सूट, मंगलसूत्र, बर्तन, पलंग, पंखा, कूलर आदि वस्तुएं भेंटस्वरूप दी गईं।
🔹 19 जोड़ों ने एक साथ रचाई शादी
समारोह का सबसे भावुक पल वह रहा जब सभी 19 जोड़ों ने एक साथ मंच पर वरमाला पहनाई। यह दृश्य उपस्थित समाजजनों और अतिथियों के लिए अविस्मरणीय रहा।
कार्यक्रम का समापन प्रीतिभोज और नवदम्पतियों की विदाई के साथ हुआ।