बाड़मेर में दर्दनाक सड़क हादसा, युवक की मौत के बाद मॉर्च्यूरी पर धरना, वार्ता से समाधान
बाड़मेर के शिव क्षेत्र में बोलेरो की टक्कर से युवक की मौत, मुआवजा व नौकरी पर सहमति के बाद धरना समाप्त
बाड़मेर जिले के शिव थाना क्षेत्र के पाबूनगर गांव में बुधवार रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया। निजी कंपनी में लगी बोलेरो गाड़ी की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में बाड़मेर जिला अस्पताल की मॉर्च्यूरी के बाहर धरने पर बैठ गए। करीब एक दिन तक चले धरने के बाद कंपनी प्रबंधन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता के बाद मामला शांत हुआ।
कैसे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार पाबूनगर निवासी जबरसिंह (40) पुत्र कल सिंह बुधवार रात बाइक से शिव से अपने गांव लौट रहा था। इसी दौरान लखा गांव की ओर से शिव की तरफ आ रही निजी कंपनी में लगी बोलेरो गाड़ी ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि जबरसिंह के दोनों पैर टूट गए और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उसे पहले शिव ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर बाड़मेर जिला अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान गुरुवार सुबह जबरसिंह की मौत हो गई।
मॉर्च्यूरी के बाहर धरना, शव लेने से इनकार
मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण बाड़मेर जिला अस्पताल की मॉर्च्यूरी के बाहर एकत्र हो गए। आक्रोशित लोगों ने निजी कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आर्थिक मुआवजा, नौकरी और सख्त कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने ठोस आश्वासन मिलने तक शव लेने से इनकार कर दिया।स्थिति को देखते हुए मॉर्च्यूरी के बाहर पुलिस जाब्ता तैनात किया गया ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और भाजपा नेताओं की मौजूदगी
गुरुवार सुबह शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा सहित अन्य जनप्रतिनिधि धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत की और उनकी मांगों को गंभीरता से सुना। इसके बाद जिला प्रशासन और कंपनी अधिकारियों से भी चर्चा की गई।विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि निजी कंपनी की लापरवाही के कारण एक व्यक्ति की जान गई है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाना चाहिए। उन्होंने मुआवजे और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सख्त कदम उठाने की बात कही।
ग्रामीणों का आरोप: तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी
हादसे के बाद पाबूनगर गांव में घटनास्थल पर भी ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। कुछ समय के लिए कंपनी के वाहनों को रोकने का प्रयास भी किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि निजी कंपनी के वाहनों में नियमों की अनदेखी कर 25 से 30 श्रमिकों को ठूंस-ठूंस कर बैठाया जाता है और वाहन तेज रफ्तार से चलाए जाते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है।
पुलिस ने संभाली स्थिति
सूचना मिलने पर शिव थानाधिकारी सत्यप्रकाश विश्नोई पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा, देवीलाल कुमावत, करनीदान चारण और चुतरसिंह सहित अन्य लोग भी वहां मौजूद रहे। पुलिस की समझाइश के बाद यातायात बहाल कराया गया। पुलिस ने बोलेरो चालक और कंपनी की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
वार्ता के बाद बनी सहमति, धरना समाप्त
लगातार चली बातचीत के बाद कंपनी प्रबंधन ने पीड़ित परिवार की मांगों पर सहमति जताई। कंपनी ने 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी और सीएसआर फंड से अतिरिक्त सहायता देने का आश्वासन दिया। साथ ही भविष्य में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने की बात कही गई।प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के सहयोग से इसके बाद धरना शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर दिया गया।
परिवार को न्याय का भरोसा
मृतक जबरसिंह परिवार का मुख्य सहारा बताया जा रहा है। उसकी मौत से परिवार पर गहरा संकट आ गया है। परिजनों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन और कंपनी अपने वादों को समय पर पूरा करेंगे। जनप्रतिनिधियों ने भी स्पष्ट किया कि इस मामले पर नजर रखी जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।