बाड़मेर में बोलेरो-बाइक हादसा: युवक की मौत, मॉर्च्यूरी के बाहर धरना, विधायक पहुंचे
बाड़मेर के शिव क्षेत्र में बोलेरो की टक्कर से युवक की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर मॉर्च्यूरी के बाहर धरना।
बाड़मेर जिले के शिव थाना इलाके के पाबूनगर गांव में बुधवार रात हुए सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया। निजी कंपनी में लगी एक बोलेरो गाड़ी की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के परिजन और ग्रामीण बाड़मेर जिला अस्पताल की मॉर्च्यूरी के बाहर धरने पर बैठ गए। गुरुवार सुबह शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा भी मौके पर पहुंचे और परिजनों के साथ धरने में शामिल हुए।
हादसा कैसे हुआ
पुलिस के अनुसार पाबूनगर निवासी जबरसिंह (40) पुत्र कल सिंह बुधवार रात बाइक से शिव से अपने गांव की ओर जा रहा था। इसी दौरान लखा गांव की ओर से शिव की तरफ आ रही निजी कंपनी में लगी बोलेरो गाड़ी ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि जबरसिंह के दोनों पैर टूट गए और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को प्राथमिक उपचार के लिए शिव ले जाया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए बाड़मेर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाड़मेर अस्पताल में इलाज के दौरान गुरुवार सुबह जबरसिंह ने दम तोड़ दिया।
मॉर्च्यूरी के बाहर धरना, कार्रवाई की मांग
युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में बाड़मेर जिला अस्पताल की मॉर्च्यूरी के बाहर एकत्र हो गए। आक्रोशित लोगों ने सड़क हादसे के लिए कंपनी की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए आर्थिक मुआवजे और सख्त कार्रवाई की मांग की।धरने को देखते हुए मॉर्च्यूरी के बाहर पुलिस जाब्ता तैनात किया गया ताकि किसी तरह की कानून व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े। परिजन शव लेने से इनकार करते हुए प्रशासन से ठोस आश्वासन की मांग पर अड़े रहे।
विधायक और भाजपा नेता पहुंचे धरने पर
गुरुवार सुबह शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा सहित अन्य भाजपा नेता भी मॉर्च्यूरी के बाहर धरने पर पहुंच गए। उन्होंने परिजनों से बातचीत की और उनकी मांगों को सुना। इसके साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से भी चर्चा की।
विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि निजी कंपनी की लापरवाही के कारण एक व्यक्ति की जान गई है। उन्होंने कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
घटनास्थल पर भीड़, ग्रामीणों का विरोध
हादसे के बाद पाबूनगर गांव में घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने कुछ समय के लिए उस मार्ग से गुजरने वाले कंपनी के वाहनों को रोकने का प्रयास किया। ग्रामीणों का आरोप है कि निजी कंपनी के लोडिंग वाहनों में नियमों को ताक पर रखकर 25 से 30 श्रमिकों को ठूंस-ठूंस कर बैठाया जाता है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कंपनी के वाहन तेज रफ्तार से चलते हैं, जिससे आए दिन हादसे का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से इस पर रोक लगाने की मांग की।
पुलिस ने संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलने पर भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा, देवीलाल कुमावत, करनीदान चारण, चुतरसिंह सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। शिव थानाधिकारी सत्यप्रकाश विश्नोई पुलिस जाब्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश की।पुलिस के समझाने के बाद वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू करवाई गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और बोलेरो चालक तथा कंपनी की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
परिवार को न्याय का इंतजार
मृतक जबरसिंह अपने परिवार का मुख्य सहारा बताया जा रहा है। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन और ग्रामीण प्रशासन से न्याय और आर्थिक सहायता की उम्मीद लगाए हुए हैं। प्रशासन की ओर से वार्ता का दौर जारी है और जल्द समाधान का भरोसा दिया गया है।