मोदी के चित्र फाड़ने पर किरोड़ी लाल मीणा सख्त, कांग्रेस नेताओं को दी कड़ी चेतावनी

राजस्थान की सियासत में उबाल: किरोड़ी लाल मीणा ने कांग्रेस नेताओं को दी चेतावनी, कहा- 'नहले पर दहला' मिलेगा जवाब

Dec 28, 2025 - 16:01
मोदी के चित्र फाड़ने पर किरोड़ी लाल मीणा सख्त, कांग्रेस नेताओं को दी कड़ी चेतावनी

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। प्रदेश के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चित्रों के अपमान और हालिया राजनीतिक घटनाओं पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रधानमंत्री के अपमान पर कड़ी नाराजगी

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चित्र फाड़े जाने की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे एक ओछी मानसिकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि इस तरह के कृत्यों से कोई भी व्यक्ति महान नहीं बन सकता।

डॉ. मीणा ने तंज कसते हुए कहा, "मोदी जी के चित्र फाड़ने से कोई 'भागीरथ' नहीं बन जाएगा।" उन्होंने आगे जोड़ा कि प्रधानमंत्री केवल एक दल के नहीं बल्कि पूरे देश के होते हैं और उनके चित्र का अपमान करना देश की गरिमा और समाज की भावनाओं को आहत करने जैसा है। इससे समाज में गलत संदेश जाता है, जिसे किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

कांग्रेस सांसदों और विधायकों पर साधा निशाना

डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने इस मामले में नाम लेकर कांग्रेस नेताओं को घेरा। उन्होंने कांग्रेस सांसद मुरारी लाल मीणा और दौसा विधायक डीसी बैरवा की कड़ी आलोचना की। डॉ. मीणा ने कहा कि भाजपा विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन है और इसके नेतृत्व का अपमान करना कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन विरोध जताने का यह तरीका पूरी तरह से अमर्यादित और निंदनीय है।

जनसुनवाई और विकास कार्यों पर घेरा

दौसा में जनसुनवाई को लेकर उठे विवाद पर भी कृषि मंत्री ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कुछ नेता चुनाव हारने के बाद जनता के बीच से गायब हो जाते हैं और केवल राजनीति चमकाने के लिए सामने आते हैं।

डॉ. मीणा ने तर्क दिया कि यदि कोई जनसेवक जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाकर उनका समाधान करवा रहा है, तो उस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें इस तरह के मामलों में संयम और परहेज बरतना चाहिए था, न कि विकास कार्यों में बाधा डालनी चाहिए।

'डाक बंगले' की घटना को बताया ईर्ष्यापूर्ण

दौसा के सरकारी डाक बंगले का ताला तोड़ने के प्रयास की घटना पर भी डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने नाराजगी जताई। उन्होंने इसे ईर्ष्या से प्रेरित कदम बताते हुए कहा कि इस तरह की हरकतें समाज में दूरियां पैदा करती हैं।

भविष्य के लिए सख्त चेतावनी: "नहले पर दहला"

आर्टिकल के अंत में डॉ. मीणा ने अपने चिर-परिचित अंदाज में विपक्ष को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि वे इस पूरे घटनाक्रम की घोर निंदा करते हैं और शांति की अपील करते हैं। लेकिन उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि यदि भविष्य में भाजपा कार्यकर्ताओं या नेतृत्व के सम्मान के साथ खिलवाड़ किया गया या ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हुई, तो उसका जवाब "नहले पर दहला" देकर दिया जाएगा।