पाली ड्रग्स केस: 2 लाख की डील पड़ी भारी, चार पुलिसकर्मी सेवा से बर्खास्त

पाली में ड्रग्स तस्कर से रिश्वत लेकर छोड़ने के मामले में चार पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया गया।

Dec 25, 2025 - 11:13

पाली जिले में ड्रग्स तस्करी के एक गंभीर मामले में चार पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेकर तस्कर को छोड़ने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है। पाली के पुलिस अधीक्षक आदर्श सिधु ने साफ कहा है कि अपराधियों से मिलीभगत करने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला 18 दिसंबर का है। जानकारी के अनुसार देसूरी और सादड़ी थाना क्षेत्र के पुलिसकर्मी सरकारी काम से पाली आए हुए थे। लौटते समय बूसी-सोमेसर के बीच चेकिंग के दौरान उन्होंने डोडा-पोस्त से भरी एक कार को रोका। आरोप है कि नियमानुसार कार्रवाई करने और उच्च अधिकारियों को सूचना देने के बजाय पुलिसकर्मियों ने तस्करों से दो लाख रुपए की डील कर उन्हें छोड़ दिया।

बाद में नाकाबंदी के दौरान पाली के पणिहारी चौराहे पर पुलिस ने उसी डोडा-पोस्त से भरी गाड़ी को पकड़ लिया। पकड़े गए ड्राइवर धीरेंद्र, जो जोधपुर का निवासी है, ने सदर थाना प्रभारी को बताया कि कुछ देर पहले ही उसने पुलिसकर्मियों को दो लाख रुपए देकर मामला निपटाया है। यह सूचना सदर थाना पुलिस ने तत्काल एसपी आदर्श सिधु को दी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने जांच के आदेश दिए। जांच में आरोप सही पाए जाने पर पहले चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया और सदर थाने में उनके खिलाफ केस दर्ज कराया गया। अब हेड कॉन्स्टेबल सोहनलाल, कॉन्स्टेबल बंशीलाल, सादड़ी थाने के हेड कॉन्स्टेबल रामकेश और कॉन्स्टेबल नच्छुराम को राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

जांच में सामने आया कि तस्कर भंवर खिलेरी से मोबाइल पर बातचीत कर दो लाख रुपए में सौदा तय किया गया था। जोधपुर के भदवासिया पुलिया के पास एक दुकान पर पुलिसकर्मियों के परिचित को यह रकम दिलवाई गई थी। उल्लेखनीय है कि बर्खास्त किए गए दो हेड कॉन्स्टेबल अगले वर्ष एएसआई पद पर पदोन्नत होने वाले थे।

राजस्थान पुलिस के अनुसार प्रदेश में एनडीपीएस एक्ट के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। यह मामला पुलिस महकमे में अनुशासन और ईमानदारी को लेकर एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।