पटवारी भर्ती 2025 पर संकट, हाईकोर्ट ने चयन बोर्ड के सचिव को किया तलब
पटवारी भर्ती 2025 की आंसर-की पर उठे सवाल, हाईकोर्ट ने चयन बोर्ड सचिव से जवाब मांगा
राजस्थान में पटवारी भर्ती परीक्षा-2025 एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है। इस भर्ती के परिणाम और उत्तर कुंजी को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के सचिव को तलब किया है। इसके साथ ही रेवेन्यू बोर्ड के रजिस्ट्रार से भी जवाब मांगा गया है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने की।
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि भर्ती परीक्षा में पूछे गए कई प्रश्नों के उत्तर सही होने के बावजूद उन्हें आंसर-की में गलत घोषित कर दिया गया। याचिका में कहा गया है कि करीब आधा दर्जन प्रश्न-उत्तर ऐसे हैं, जिनमें गंभीर त्रुटियां हैं। इन गलतियों के कारण अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ा है और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं।
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी पूछा कि विवादित प्रश्न-उत्तरों की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन क्यों नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट ने संबंधित पक्षों को इस संबंध में अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने दलील दी कि जब तक विवादित प्रश्नों की निष्पक्ष जांच नहीं हो जाती, तब तक नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाई जानी चाहिए।
गौरतलब है कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने 17 अगस्त को पटवारी के 3,705 पदों के लिए परीक्षा आयोजित करवाई थी। इसके बाद 3 दिसंबर को भर्ती परीक्षा का परिणाम भी घोषित कर दिया गया। हालांकि, परिणाम जारी होने के बाद आंसर-की को लेकर अभ्यर्थियों की आपत्तियां सामने आईं, जिसके चलते मामला अब अदालत तक पहुंच गया है।
हाईकोर्ट की इस सख्ती के बाद पटवारी भर्ती प्रक्रिया पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। अब सबकी नजरें कोर्ट के अगले आदेश और कर्मचारी चयन बोर्ड के जवाब पर टिकी हुई हैं, जिससे यह तय होगा कि आगे भर्ती प्रक्रिया किस दिशा में जाएगी।