पोकरण में गोवंश हत्या विवाद पर बयानबाज़ी तेज: महंत प्रतापपुरी के कथनों से सियासी-सामाजिक हलचल
पोकरण में कथित गोवंश हत्या के मामले को लेकर महंत प्रतापपुरी के बयानों से सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। घटना के बाद प्रदर्शन, बाजार बंद और पुलिस कार्रवाई हुई। एक भाजपा नेता की गिरफ्तारी भी सामने आई है। प्रशासन ने शांति बनाए रखने और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।
पोकरण क्षेत्र में एक कथित गोवंश हत्या के मामले को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। इस प्रकरण पर तारातारा मठ से जुड़े महंत प्रतापपुरी के बयानों ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि पोकरण और आसपास के सीमांत इलाकों में लंबे समय से असामाजिक गतिविधियां चल रही हैं, जिनका असर सामाजिक सौहार्द पर पड़ रहा है।
महंत प्रतापपुरी ने कहा कि 8 जनवरी की रात पोकरण के केलावा गांव के पास एक बैल को कथित रूप से घसीटकर मारने और उसके अवशेष मिलने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद क्षेत्र में आक्रोश फैला। 10 जनवरी को बाजार बंद कर विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जे हटाने और आरोपियों की परेड कराने की जानकारी दी। इस मामले में भाजपा नेता बासित खान की गिरफ्तारी भी हुई, जो पहले अल्पसंख्यक मोर्चा से जुड़े रहे हैं।
महंत ने अपने बयान में यह भी कहा कि गोवंश के नाम पर समाज में भावनाएं आहत होती हैं और ऐसी घटनाएं असहनीय हैं। उन्होंने यह आरोप लगाया कि कथित रूप से गोमांस का उपयोग पर्यटकों और मांसाहार करने वालों को परोसने में किया गया, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ा। साथ ही उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से क्षेत्र की शांति भंग होती है।
उन्होंने कट्टरवाद और अलगाववाद के खिलाफ एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि धर्म और परंपराओं से जुड़े विषयों पर संयम आवश्यक है। वहीं, कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील विषय पर राजनीति करना उचित नहीं है।
प्रशासनिक स्तर पर पुलिस-प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।