राजस्थान पंचायत चुनाव: नए फार्मूले से बढ़ेंगी वार्ड और पंचायतों की सीमाएं
राजस्थान में पंचायत और जिला परिषद चुनाव से पहले आबादी के आधार पर वार्ड बढ़ाने का नया फॉर्मूला तय किया गया।
राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर नया आबादी आधारित फार्मूला तय कर लिया गया है। पंचायती राज विभाग ने प्रदेश की 14,635 ग्राम पंचायतों, 450 पंचायत समितियों और 41 जिला परिषदों में चुनाव कराने के लिए जिलावार दिशा-निर्देश सभी कलेक्टरों को भेज दिए हैं। इसके तहत जल्द ही वार्ड निर्धारण की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। हाईकोर्ट ने स्थानीय निकाय चुनाव 15 अप्रैल तक पूरे कराने की समयसीमा तय की है, इसी को ध्यान में रखकर प्रशासनिक तैयारी तेज की गई है।
नए फार्मूले के अनुसार ग्राम पंचायतों में आबादी के हिसाब से वार्ड तय होंगे। तीन हजार की आबादी पर सात वार्ड बनाए जाएंगे। इसके बाद हर अतिरिक्त एक हजार की आबादी पर दो वार्ड और जोड़े जाएंगे। यानी यदि किसी ग्राम पंचायत की आबादी चार हजार है तो वहां वार्डों की संख्या सात से बढ़कर नौ हो जाएगी। इसी तरह पंचायत समिति स्तर पर एक लाख की आबादी पर 15 वार्ड निर्धारित किए गए हैं। यदि आबादी एक लाख से 15 हजार अधिक होती है तो दो वार्ड और बढ़ेंगे। आगे हर अतिरिक्त 15 हजार की आबादी पर दो-दो वार्ड जोड़े जाएंगे।
जिला परिषद के लिए भी आबादी को आधार बनाया गया है। चार लाख की आबादी पर 17 वार्ड होंगे और हर अतिरिक्त एक लाख की आबादी पर दो और वार्ड बढ़ेंगे। इस तरह जिला परिषदों में वार्डों की संख्या 17 से बढ़कर 19 या 21 तक पहुंच सकती है। कुल मिलाकर आबादी बढ़ने के साथ प्रतिनिधित्व भी बढ़ेगा।
जयपुर जिले में पुनर्गठन के बाद ग्राम पंचायतों की संख्या 457 से बढ़कर 596 हो गई है। यहां 273 पंचायतों की सीमाओं में बदलाव कर 139 नई ग्राम पंचायतें बनाई गई हैं। प्रदेशभर में हाल ही में 85 नई पंचायत समितियों का गठन हुआ है, जिससे इनकी कुल संख्या 450 हो गई है। नए जिलों में पहली बार जिला परिषद चुनाव भी कराए जाएंगे।
वहीं, कुछ इलाकों में पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के बीच दूरी को लेकर विरोध सामने आया है। नागौर सहित कई जिलों में लोगों को पंचायत समिति तक पहुंचने के लिए 40 से 60 किलोमीटर तक जाना पड़ रहा है। सरपंच संघ का कहना है कि पहले 20 ग्राम पंचायतों पर एक पंचायत समिति बनाने की बात कही गई थी, लेकिन इसका पालन नहीं हुआ, जिससे प्रशासनिक दिक्कतें बढ़ रही हैं।