राजस्थान: वेरिफिकेशन के अभाव में 20.36 लाख लोगों की सामाजिक पेंशन रोकी गई
राजस्थान में वेरिफिकेशन नहीं कराने से 20.36 लाख पेंशनधारकों की पेंशन बंद, जानिए कैसे फिर शुरू होगी।
राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जुड़े लाखों लाभार्थियों को बड़ा झटका लगा है। समय पर वेरिफिकेशन नहीं कराने के कारण राज्य में 20.36 लाख लोगों की पेंशन जनवरी माह से बंद कर दी गई है। सरकार ने पहले ही तय समय सीमा में सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन बड़ी संख्या में लोग यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए।
91 लाख से अधिक पेंशनधारक, 22 प्रतिशत का सत्यापन नहीं
राज्य में कुल 91.83 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थी पंजीकृत हैं। इनमें से 71.46 लाख लोगों ने वेरिफिकेशन पूरा कर लिया, जबकि करीब 22 प्रतिशत यानी 20.36 लाख लाभार्थियों का सत्यापन नहीं हो सका। नियमों के अनुसार बिना सत्यापन के पेंशन का भुगतान संभव नहीं है, इसलिए उनकी पेंशन अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
जयपुर और जोधपुर सबसे ज्यादा प्रभावित
आंकड़ों के अनुसार जयपुर और जोधपुर जिलों में सबसे ज्यादा पेंशनधारकों की पेंशन बंद हुई है। जयपुर में 6.11 लाख पेंशनधारकों में से केवल 4.39 लाख का ही सत्यापन हुआ। वहीं जोधपुर में 3.44 लाख में से 2.53 लाख लोगों का वेरिफिकेशन पूरा हो पाया। फालोदी जिले में वेरिफिकेशन सबसे कम 69 प्रतिशत रहा, जबकि बालोतरा में 86 प्रतिशत से अधिक सत्यापन दर्ज किया गया।
31 दिसंबर तक अनिवार्य था सत्यापन
सरकार ने पेंशनधारकों को 31 दिसंबर तक वेरिफिकेशन कराने का समय दिया था। जिन लोगों ने तय तारीख तक सत्यापन नहीं कराया, उनकी जनवरी माह की पेंशन रोक दी गई। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया है।
इस तरह दोबारा शुरू होगी पेंशन
जिन लाभार्थियों की पेंशन बंद हुई है, वे सत्यापन पूरा कराने के बाद फिर से पेंशन पा सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपने क्षेत्र के उपखंड अधिकारी या विकास अधिकारी के सामने उपस्थित होना होगा। साथ ही पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारी के पोर्टल SSP.Rajasthan.gov.in पर पीपीओ नंबर दर्ज कर मोबाइल ओटीपी के माध्यम से भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। भौतिक सत्यापन के बाद पेंशन दोबारा शुरू कर दी जाएगी।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने सभी पेंशनधारकों से अपील की है कि वे शीघ्र सत्यापन कराएं, ताकि पेंशन मिलने में कोई परेशानी न हो और लाभ समय पर मिलता रहे।