राजस्थान में पीएमश्री स्कूल्स: शिक्षा की नई क्रांति बाल वाटिकाओं से डिजिटल लाइब्रेरी तक का सफर

राजस्थान सरकार प्रधानमंत्री मोदी की पीएमश्री योजना के तहत 639 विद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बदल रही है। बाल वाटिकाओं, डिजिटल लाइब्रेरी, ओ-लैब और आत्मरक्षा प्रशिक्षण जैसे नवाचारों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा रही है। पहली बार राज्य स्तरीय रैंकिंग जारी की गई है।

Jan 29, 2026 - 15:22
राजस्थान में पीएमश्री स्कूल्स: शिक्षा की नई क्रांति बाल वाटिकाओं से डिजिटल लाइब्रेरी तक का सफर

जयपुर: राजस्थान की धरती पर शिक्षा का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में पीएमश्री विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रतीक बनकर उभर रहे हैं। ये स्कूल न सिर्फ किताबी ज्ञान दे रहे हैं, बल्कि बच्चों को स्मार्ट क्लासरूम, व्यावहारिक प्रशिक्षण और मूल्य-आधारित अनुशासन के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं। कल्पना कीजिए, एक ऐसा स्कूल जहां छोटे-छोटे बच्चे बाल वाटिकाओं में खेल-खेल में सीखते हैं, और बड़े छात्र डिजिटल लाइब्रेरी में विज्ञान के रहस्यों को छूते हैं। राजस्थान सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से प्रदेश के 639 विद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में तब्दील किया जा रहा है, जो न केवल शिक्षा को आधुनिक बना रहे हैं बल्कि विद्यार्थियों के सपनों को पंख दे रहे हैं।

पीएमश्री (प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) योजना के तहत इन विद्यालयों में उत्कृष्ट प्रबंधन की अवधारणा को अपनाया गया है। यहां विद्यार्थियों को व्यावहारिक वातावरण में पढ़ाई का मौका मिलता है, जहां आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं जैसे स्मार्ट क्लासरूम, प्रशिक्षित शिक्षक और गतिविधि-आधारित शिक्षण विधियां प्रमुख हैं। व्यावसायिक शिक्षा को भी प्रभावी ढंग से लागू किया गया है, ताकि छात्र न केवल किताबें रटें बल्कि जीवन कौशल सीखें। पहले चरण में 402 और दूसरे चरण में 237 विद्यालयों का कायाकल्प किया गया है, जहां भवनों का आधुनिकीकरण और आधारभूत संसाधनों का विस्तार हुआ है। इन बदलावों से स्कूल अब पुराने ढर्रे से निकलकर एक आधुनिक हब बन गए हैं, जहां हर बच्चा खुद को सशक्त महसूस करता है।एक रोचक पहलू है बाल वाटिकाओं का संचालन, जो इन 639 पीएमश्री विद्यालयों में चल रहा है। यहां छोटे बच्चों के लिए अंश, अनमोल और आलोक जैसी वर्कबुक उपलब्ध हैं, साथ ही चाइल्ड-फ्रेंडली फर्नीचर की व्यवस्था की गई है। सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रमों के जरिए अभिभावकों को भी जोड़ा जा रहा है, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है। एनटीटी शिक्षकों और सहायक कर्मियों की मौजूदगी से ये वाटिकाएं एक सुरक्षित और रचनात्मक स्थान बन गई हैं। कल्पना कीजिए, एक बच्चा जो खेलते हुए पढ़ाई शुरू करता है – यही तो शिक्षा की सच्ची नींव है!

तकनीकी नवाचारों की बात करें तो 500 पीएमश्री विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं, जहां छात्र किताबों की दुनिया में डिजिटल तरीके से घूम सकते हैं। वहीं, 142 विद्यालयों में ओ-लैब (ओपन लैब) बनाई गई हैं, जो प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान को जीवंत बनाती हैं। सत्र 2024-25 में 623 विद्यालयों को 2492 विज्ञान और गणित किट उपलब्ध कराए गए हैं, जो छात्रों को हाथों से सीखने का अवसर देते हैं। इसके अलावा, शैक्षणिक और औद्योगिक एक्सपोजर विजिट आयोजित किए जा रहे हैं, जो विद्यार्थियों में व्यवहारिक ज्ञान और रोजगारोन्मुखी समझ विकसित कर रहे हैं। ये विजिट छात्रों को क्लासरूम से बाहर की दुनिया दिखाते हैं, जहां वे फैक्टरियों, लैब्स और विशेषज्ञों से मिलकर अपनी क्षमताओं को निखारते हैं।

 शिक्षकों की भूमिका को मजबूत करने के लिए भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पीएमश्री विद्यालयों के शिक्षकों को आवासीय प्रशिक्षण, एबीएल किट और आईआईएम उदयपुर द्वारा नवाचार-आधारित नेतृत्व प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। जयपुर, सिरोही और उदयपुर में आयोजित कैंपों ने शिक्षण की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। ये प्रशिक्षण शिक्षकों को न केवल बेहतर बनाते हैं बल्कि उन्हें छात्रों के लिए रोल मॉडल बनाते हैं।

खासतौर पर छात्राओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर फोकस है। सभी पीएमश्री विद्यालयों में संविधान कक्ष स्थापित किए जा रहे हैं, जो विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक मूल्यों से परिचित कराते हैं। छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण और मार्शल आर्ट ट्रेनिंग उपलब्ध है, साथ ही 144 विद्यालयों में सेनेटरी पैड इंसीनरेटर मशीनें लगाई जा रही हैं। ये कदम न केवल लड़कियों को आत्मविश्वास देते हैं बल्कि समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देते हैं।

एक ऐतिहासिक कदम के रूप में, पहली बार प्रदेश के सभी 639 पीएमश्री विद्यालयों की राज्य स्तरीय रैंकिंग जारी की गई है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास द्वारा जारी इस रैंकिंग में 18 मानकों पर मूल्यांकन किया गया है। शीर्ष पांच विद्यालयों में पीएमश्री धावा (जोधपुर), पीएमश्री सावर (अजमेर), पीएमश्री मानपुरा माचेड़ी (जयपुर), पीएमश्री जोधकिया (हनुमानगढ़) और पीएमश्री रींगस (सीकर) शामिल हैं। यह रैंकिंग अन्य स्कूलों को बेहतर करने के लिए प्रेरित कर रही है।