Save Aravali मुद्दे पर सियासत, राजेंद्र राठौड़ बोले यह काल्पनिक मुद्दा

अरावली मुद्दे पर बीजेपी नेता राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस को घेरा, सुप्रीम कोर्ट फैसले पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया

Dec 21, 2025 - 15:23
Save Aravali मुद्दे पर सियासत, राजेंद्र राठौड़ बोले यह काल्पनिक मुद्दा

राजस्थान में ‘सेव अरावली’ को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर सीधा हमला बोला है। जयपुर स्थित बीजेपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राठौड़ ने कहा कि अरावली के नाम पर कांग्रेस भ्रम फैला रही है और विरोध के लिए काल्पनिक मुद्दे गढ़े जा रहे हैं।

राठौड़ ने कहा कि अरावली को सबसे अधिक नुकसान कांग्रेस शासन के दौरान हुआ, जबकि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार इसके संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर भी सवाल उठाए। राठौड़ के मुताबिक 20 नवंबर 2025 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने चार राज्यों और केंद्र सरकार को अरावली संरक्षण के लिए समान मापदंड तय करने के निर्देश दिए हैं। 100 मीटर ऊंचाई को लेकर जो बातें फैलाई जा रही हैं, वे तथ्यहीन हैं। आदेश में साफ है कि अरावली से जुड़े जिलों में 100 मीटर से अधिक ऊंचाई वाला भू-भाग अरावली की श्रेणी में आएगा।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि अशोक गहलोत ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान खुद 100 मीटर ऊंचाई को लेकर वैधानिक स्वीकृति मांगी थी। उसी शपथ पत्र के आधार पर अलग-अलग समय में करीब 1008 खनन पट्टे जारी हुए। राठौड़ ने तंज कसते हुए कहा कि अब गहलोत अपने ही फैसलों से ध्यान हटाने के लिए ‘सेव अरावली’ का नारा दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अरावली क्षेत्र में फॉरेस्ट लैंड और वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं, जहां खनन की अनुमति नहीं दी जा सकती। अरावली मरुस्थल के फैलाव को रोकने में अहम भूमिका निभाती है और यहां नाहरगढ़, कुंभलगढ़ जैसे ऐतिहासिक स्थल भी स्थित हैं। राठौड़ ने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई है। अब तक 19,741 मामलों में जब्ती और 2,828 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। उनके अनुसार अरावली क्षेत्र का केवल 1 से 1.9 प्रतिशत हिस्सा ही खनन श्रेणी में आता है, बाकी क्षेत्र पूरी तरह संरक्षित है।