बालोतरा-बाड़मेर जिले के पुनर्गठन पर कैलाश चौधरी का पहला बड़ा बयान
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री एवं बाड़मेर सांसद कैलाश चौधरी ने बाड़मेर-बालोतरा जिलों के हालिया पुनर्गठन (31 दिसंबर 2025 की अधिसूचना) पर पहली बार सार्वजनिक बयान दिया। उन्होंने धोरीमन्ना (Dhorimanna) की बढ़ती दूरी (पहले ~50 किमी से अब ~150 किमी जिला मुख्यालय तक) और बायतू (Baytu) को लेकर मिली-जुली जनभावनाओं का जिक्र किया। कहा कि जनता की भावनाओं का सम्मान होगा
"जनभावना का पूरा सम्मान होगा, धोरीमन्ना की दूरी बढ़ी तो लोगों की परेशानी समझते हैं – CM से करवाएंगे हकीकत रूबरू"
जोधपुर/बाड़मेर/बालोतरा: राजस्थान के बाड़मेर और बालोतरा जिलों के हालिया प्रशासनिक पुनर्गठन को लेकर अब केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री तथा बाड़मेर लोकसभा सांसद कैलाश चौधरी ने पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि धोरीमन्ना और बायतू क्षेत्रों को लेकर आने वाली जनभावनाओं का पूरा सम्मान किया जाएगा।कैलाश चौधरी ने कहा, "धोरीमन्ना की जिला मुख्यालय से दूरी पहले करीब 50 किलोमीटर थी, लेकिन अब यह बढ़कर 150 किलोमीटर हो गई है। इससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी हो रही है। बायतू को लेकर भी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जमीनी हकीकत से रूबरू करवाया जाएगा।उन्होंने आगे बताया, "जनगणना का कार्य पूर्ण होने के बाद जनहित में जो भी बेहतर और व्यावहारिक फैसला होगा, वही लिया जाएगा। हम जनता की भावनाओं और सुविधाओं को सर्वोपरि रखते हुए ही कोई कदम उठाएंगे।"
बायतू विधानसभा पर अफवाहों को किया खारिज
कैलाश चौधरी ने बायतू विधानसभा के समाप्त होने की चल रही चर्चाओं पर भी साफ कहा, "बायतू विधानसभा समाप्त होने की चर्चाओं में कोई दम नहीं है। बायतू विधानसभा कभी खत्म नहीं होगी।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब पुनर्गठन के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर काफी हलचल मची हुई है।