बाड़मेर बस स्टैंड के पास किसान के साथ नकाबपोश बदमाशों ने की लूट, 5 हजार रुपये और मोबाइल छीनकर फरार

बाड़मेर शहर में रविवार रात बस स्टैंड से अस्पताल जा रहे एक गरीब किसान सुमार खान (भलीसर गांव, धोरीमन्ना) के साथ नेहरू नगर इलाके में दो नकाबपोश बदमाशों ने लूट की।

Jan 19, 2026 - 10:39
बाड़मेर बस स्टैंड के पास किसान के साथ नकाबपोश बदमाशों ने की लूट, 5 हजार रुपये और मोबाइल छीनकर फरार

बाड़मेर शहर में रविवार रात एक दिल दहला देने वाली लूट की घटना सामने आई है। बस स्टैंड से पैदल अस्पताल की ओर जा रहे एक गरीब किसान के साथ नेहरू नगर इलाके में दो नकाबपोश बदमाशों ने मारपीट कर उसके पास से 5 हजार रुपये नकद और स्मार्टफोन लूट लिया। पीड़ित किसान अपनी बहन के इलाज के लिए जैसलमेर से बाड़मेर आया था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मुश्किलें बढ़ गईं।

घटना का विवरण इस प्रकार है:

पीड़ित सुमार खान, निवासी भलीसर गांव (धोरीमन्ना थाना क्षेत्र, बाड़मेर), रविवार रात करीब 8 बजे जैसलमेर से बस से बाड़मेर बस स्टैंड पहुंचा। उसकी बहन का चेकअप बाड़मेर के अस्पताल में होना था। बस स्टैंड से वह पैदल नेहरू नगर होते हुए अस्पताल की ओर जा रहा था।रास्ते में नेहरू नगर इलाके में दो युवकों ने उसे माचिस मांगने के बहाने रोका। बातचीत के दौरान उन्होंने अचानक उसका हाथ पकड़ लिया और मारपीट शुरू कर दी। बदमाशों ने जेब से चाकू निकालकर उसे डराया-धमकाया और उसके कपड़ों से 5 हजार रुपये नकद तथा स्मार्टफोन छीन लिया। दोनों बदमाशों के चेहरे कपड़े से ढके हुए थे, जिससे उनकी पहचान मुश्किल हो रही है। 

लूट के बाद सुमार खान ने बहादुरी दिखाते हुए बदमाशों का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन अंधेरे और सुनसान रास्ते का फायदा उठाकर दोनों फरार हो गए। मजबूरन पीड़ित ने मौके पर मौजूद लोगों की मदद से पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही बाड़मेर कोतवाली पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का गहन मुआयना किया, आसपास के लोगों से पूछताछ की और सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को डिटेन कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और बाकी बदमाशों की तलाश जारी है। जल्द ही मामले का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

पीड़ित की मजबूरी और लोगों की मदद

सुमार खान एक गरीब किसान है, जो जैसलमेर के मुरब्बा क्षेत्र में खेती करता है। बहन के इलाज के लिए वह बाड़मेर आया था, लेकिन लूट के बाद उसके पास न तो पैसे बचे और न ही मोबाइल। इस स्थिति में मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने उसकी मदद की और खाने-पीने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की।