पेपर लीक पर डोटासरा की खुली चुनौती, बोले– 10 साल के सभी मामलों की हो CBI जांच

राजस्थान में पेपर लीक पर PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार को दी खुली चुनौती, CBI जांच की मांग से सियासत गरमाई

Jan 28, 2026 - 22:27
पेपर लीक पर डोटासरा की खुली चुनौती, बोले– 10 साल के सभी मामलों की हो CBI जांच

राजस्थान में पेपर लीक को लेकर चल रही सियासत के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष (PCC चीफ) गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार को खुली चुनौती दे दी है। बुधवार को कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान डोटासरा ने साफ शब्दों में कहा कि यदि सरकार में जरा भी हिम्मत और ईमानदारी है तो पिछले 10–12 साल के सभी पेपर लीक मामलों की CBI जांच करवाई जाए। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।

पेपर लीक मुद्दे पर पुराना आरोप-प्रत्यारोप

राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले और उसके बाद पेपर लीक का मुद्दा लगातार चर्चा में रहा है। भाजपा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर 19 से अधिक पेपर लीक का आरोप लगाया था और इस मुद्दे को चुनाव में प्रमुख हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। माना जाता है कि पेपर लीक का मामला कांग्रेस के लिए चुनावी नुकसान का बड़ा कारण बना, जिसके चलते पार्टी सत्ता से बाहर हो गई।पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में गोविंद सिंह डोटासरा शिक्षा मंत्री थे। ऐसे में पेपर लीक के आरोपों को लेकर वे भाजपा नेताओं के निशाने पर रहे। भाजपा लगातार यह आरोप लगाती रही कि कांग्रेस सरकार के समय परीक्षाओं में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां हुईं।

CBI जांच की खुली मांग

कांग्रेस कार्यक्रम के दौरान डोटासरा ने मंच से सरकार को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि वे पिछले 10–12 वर्षों में हुए सभी पेपरों की CBI जांच करवाएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तो पहले भी कोर्ट में CBI जांच का समर्थन किया था, लेकिन सरकार ने यह कहकर जांच से बचने की कोशिश की कि वह खुद सक्षम है।डोटासरा ने सवाल उठाया कि अगर सरकार इतनी ही सक्षम है तो फिर दो साल में क्या किया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद किसी को “लिफाफा” मिल गया होगा, इसलिए CBI जांच की जरूरत नहीं समझी जा रही।

जो करना है, करके दिखाओ”

डोटासरा ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा, “जो करना है, करके दिखाओ। कब करोगे?” उन्होंने आरोप लगाया कि बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय किया गया है और उनके हक पर डाका डाला गया है। उन्होंने साफ कहा कि जो भी इस तरह की गड़बड़ियों में शामिल है, उसे जेल जाना चाहिए।उन्होंने यह भी पूछा कि पिछले दो सालों में सरकार ने पेपर लीक रोकने और दोषियों पर कार्रवाई के लिए क्या ठोस कदम उठाए हैं। डोटासरा के अनुसार, सिर्फ आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा, बल्कि सख्त कार्रवाई जरूरी है।

बयान के बाद बढ़ा सियासी तापमान

डोटासरा के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में सियासी पारा चढ़ गया है। अब तक भाजपा कांग्रेस पर पेपर लीक को लेकर हमलावर थी, लेकिन PCC चीफ की CBI जांच की मांग के बाद मामला पलटता नजर आ रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अब गेंद सरकार के पाले में चली गई है। कांग्रेस का कहना है कि यदि सरकार सच में पारदर्शिता चाहती है तो CBI जांच से पीछे नहीं हटना चाहिए। वहीं, भाजपा की ओर से इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

आगे क्या करेगी सरकार?

डोटासरा के बयान के बाद यह सवाल अहम हो गया है कि सरकार पेपर लीक मामले में क्या रुख अपनाएगी। क्या सरकार CBI जांच की मांग को स्वीकार करेगी या फिर अपने पुराने रुख पर कायम रहेगी? यह आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल इतना तय है कि पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर राजस्थान की राजनीति के केंद्र में आ गया है और आने वाले समय में यह मुद्दा सरकार और विपक्ष के बीच बड़े टकराव का कारण बन सकता है।