जयपुर में सस्पेंड लेक्चरर की आत्महत्या, सुसाइड नोट में पुलिस-SOG पर गंभीर आरोप
जयपुर में सस्पेंड लेक्चरर मनोहर भादू ने ट्रेन से आत्महत्या की, सुसाइड नोट में पुलिस और SOG को ठहराया जिम्मेदार।
जयपुर में युवा व्याख्याता मनोहर भादू की आत्महत्या ने पुलिस व्यवस्था और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। बुधवार शाम महेश नगर क्षेत्र में हुई इस घटना ने न केवल एक परिवार बल्कि पूरे समाज को झकझोर दिया। मनोहर भादू ने चलती ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घटना के बाद शव कुछ समय तक रेलवे ट्रैक पर ही पड़ा रहा, जिसके बाद पुलिस ने पहुंचकर उसे अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।
सुसाइड नोट में पुलिस और SOG पर गंभीर आरोप
आत्महत्या से पहले मनोहर ने चार पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए पुलिस और एसओजी के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। मनोहर के अनुसार, लगातार पूछताछ, मानसिक दबाव और उन मामलों में घसीटना जिनसे उनका कोई संबंध नहीं था, उनकी परेशानी का मुख्य कारण थे। उन्होंने लिखा कि बार-बार बेवजह आरोपी बनाए जाने से उनका जीवन लगातार कठिन होता चला गया।
आर्थिक संकट और मानसिक तनाव
नोट में मनोहर ने बताया कि वे पिछले चार वर्षों से आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। घर का खर्च चलाने के लिए उन्हें बार-बार दोस्तों से पैसे उधार लेने पड़ते थे। कोर्ट की तारीखों, वकीलों की फीस और बढ़ती जिम्मेदारियों ने उनके जीवन में भारी तनाव पैदा कर दिया था। उनका कहना था कि इस लगातार बढ़ते दबाव ने उन्हें टूटने पर मजबूर कर दिया। मनोहर ने अपने परिवार के 20 सदस्यों की जिम्मेदारी का उल्लेख करते हुए सरकार से अनुरोध किया कि उनकी व्याख्याता पोस्ट पर अनुकम्पा नियुक्ति दी जाए, ताकि परिवार का सहारा बना रहे। उन्होंने अपने माता-पिता और परिजनों से चिंता न करने की अपील भी की।
पुलिस ने शुरू की जांच
महेश नगर थाना पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की जाएगी। एसओजी अधिकारियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। मनोहर भादू की मौत सिर्फ एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि सिस्टम की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल है। यह घटना बताती है कि लंबी कानूनी प्रक्रियाएँ, बार-बार की पूछताछ और प्रशासन के कठोर रवैये किस तरह किसी व्यक्ति को मानसिक रूप से तोड़ सकते हैं।