खेजड़ी संरक्षण पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बड़ा फैसला, कानून लाने की घोषणा

खेजड़ी वृक्ष की अवैध कटाई पर सख्त कानून लाने का ऐलान, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम।

Feb 5, 2026 - 21:09
खेजड़ी संरक्षण पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बड़ा फैसला, कानून लाने की घोषणा

राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खेजड़ी वृक्ष की अवैध कटाई पर कठोर दंड का प्रावधान करने और इस संबंध में कानून लाने की घोषणा की है। बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा में मुख्यमंत्री ने प्रकृति सरंक्षण के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए यह जानकारी दी।

पर्यावरण और जनभावनाओं का सम्मान

राज्य मंत्री के.के. बिश्नोई ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने राजस्थान की सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यावरणीय विरासत का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि खेजड़ी वृक्ष केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि पश्चिमी राजस्थान के जीवन का आधार है। मुख्यमंत्री का यह फैसला यह दर्शाता है कि सरकार विकास के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन को भी प्राथमिकता दे रही है।

साधु-संतों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका

हाल ही में साधु-संतों के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर खेजड़ी वृक्षों की कटाई की स्थिति से अवगत कराया था। इस प्रतिनिधिमंडल में अमृता देवी जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह बिश्नोई, भाजपा उपाध्यक्ष बिहारी लाल बिश्नोई और फलोदी विधायक पब्बाराम राम बिश्नोई शामिल थे। इससे पहले अगस्त 2025 में भी विश्नोई समाज के संतों ने इस विषय को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया था।

विश्नोई समाज और खेजड़ी का ऐतिहासिक रिश्ता

विश्नोई समाज को प्रकृति संरक्षण का प्रतीक माना जाता है। माँ अमृता देवी और 363 विश्नोई बलिदानियों का बलिदान आज भी पर्यावरण संरक्षण की मिसाल है। खेजड़ी वृक्ष मरुस्थलीय क्षेत्र में पशुधन का सहारा है और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।