जयपुर में ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी का उद्घाटन, सीएम बोले- सेना राष्ट्र की आत्मा
जयपुर में सेना दिवस पर ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी का शुभारंभ, सीएम ने दिखाई भारतीय सेना की ताकत
78वें सेना दिवस के अवसर पर राजस्थान की राजधानी जयपुर में भारतीय सेना की शक्ति, शौर्य और आधुनिक क्षमता को दर्शाने वाली चार दिवसीय ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को भवानी निकेतन शिक्षा समिति परिसर में इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने सेना द्वारा उपयोग में लाए जा रहे आधुनिक हथियारों, उपकरणों और तकनीकों का अवलोकन किया।
आमजन को सेना की ताकत से रूबरू कराएगी प्रदर्शनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी का उद्देश्य आम नागरिकों को भारतीय सेना के आधुनिक स्वरूप से परिचित कराना है। यहां अत्याधुनिक उपकरणों, हथियारों और युद्ध रणनीतियों की झलक देखने को मिलेगी। इससे लोगों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि किस तरह हमारी सेना दिन-रात देश की सुरक्षा में लगी रहती है। उन्होंने बताया कि सेना दिवस परेड का आयोजन पहली बार सैन्य छावनी से बाहर जयपुर में हो रहा है, जो नागरिकों और सेना के बीच मजबूत जुड़ाव का प्रतीक है।
भारतीय सेना हर देशवासी की ढाल
मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि भारतीय सेना हर देशवासी की ढाल, हर परिवार का भरोसा और राष्ट्र की आत्मा है। रेगिस्तान से लेकर बर्फीली सियाचिन तक हमारे जवान हर मोर्चे पर डटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन पराक्रम, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों के माध्यम से सेना ने यह साबित किया है कि वह किसी भी चुनौती का सशक्त जवाब देने में सक्षम है।
ऑपरेशन सिंदूर बना आतंकवाद के खिलाफ संकल्प का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने पूरी दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता दिखाई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए मिशन सुदर्शन चक्र के तहत भारत आज किसी भी खतरे का सटीक और प्रभावी जवाब देने में सक्षम बन चुका है। उन्होंने राजस्थान को वीरों की धरती बताते हुए कहा कि इस भूमि ने परमवीर चक्र विजेता पीरू सिंह, मेजर शैतान सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह जैसे महान योद्धा दिए हैं।
रक्षा उत्पादन और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की सशस्त्र सेनाओं का आधुनिकीकरण तेजी से हुआ है। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत रक्षा उत्पादन को बढ़ावा दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में देश का रक्षा उत्पादन 1.51 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जबकि रक्षा निर्यात भी 23,622 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर रहा है।
वीर सैनिकों और उनके परिवारों के लिए कई फैसले
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने द्वितीय विश्व युद्ध के नॉन पेंशनर पूर्व सैनिकों और विधवाओं की पेंशन 10 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह की है। वीरगति प्राप्त सैनिकों के सम्मान में 43 स्कूलों का नामकरण किया गया है। बैटल कैजुअल्टी सैनिकों के आश्रितों और शौर्य पदक विजेताओं को भूमि आवंटित की गई है। साथ ही पुलवामा हमले में शहीद सीआरपीएफ जवानों की वीरांगनाओं को आवास प्रदान किए गए हैं।
भूतपूर्व सैनिकों के मानदेय में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए नया वेब पोर्टल तैयार किया गया है। पेंशन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर शिविर लगाए गए, जिनमें बड़ी संख्या में प्रकरणों का निस्तारण हुआ। संविदा पर कार्यरत भूतपूर्व सैनिकों के मानदेय में 2024 और 2025 में 10-10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
लाइव डेमोंस्ट्रेशन ने बढ़ाया उत्साह
प्रदर्शनी में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उपयोग किए गए आधुनिक हथियार, टैंक, ड्रोन, मिसाइल प्रणाली और एंटी-ड्रोन सिस्टम प्रदर्शित किए गए। पैराग्लाइडिंग, स्काई डाइविंग, डॉग स्क्वॉड और मैकेनाइज्ड फोर्सेज के लाइव प्रदर्शन ने दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीरांगनाओं को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मंत्री, सैन्य अधिकारी, एनसीसी कैडेट्स और आमजन मौजूद रहे।