ट्रेन के टॉयलेट में 58 मिनट फंसे वसुंधरा राजे के मीडिया सलाहकार, मोबाइल बना जीवनरक्षक

कोटा-जयपुर ट्रेन में टॉयलेट का गेट जाम, 58 मिनट फंसे रहे महेंद्र भारद्वाज, जान बचाने में मोबाइल बना सहारा

Feb 1, 2026 - 10:46
ट्रेन के टॉयलेट में 58 मिनट फंसे वसुंधरा राजे के मीडिया सलाहकार, मोबाइल बना जीवनरक्षक

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के मीडिया सलाहकार महेंद्र भारद्वाज 30 जनवरी 2026 को कोटा–श्रीगंगानगर एक्सप्रेस (22981) से सफर के दौरान एक गंभीर स्थिति में फंस गए। ट्रेन के टॉयलेट में लगभग 58 मिनट तक बंद रहने की घटना ने रेलवे की मेंटिनेंस व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। महेंद्र भारद्वाज ने बताया कि सवाई माधोपुर से थोड़ा आगे वे आवश्यक कार्य के लिए टॉयलेट में गए थे। बाहर निकलने की कोशिश की तो अंदर लगी कुंडी अचानक जाम हो गई और दरवाजा नहीं खुला। उन्होंने कई बार जोर लगाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

मोबाइल फोन बना रक्षक 

आम तौर पर रेलवे का टॉयलेट बेहद छोटा हॉट है। महेंद्र ने बताया कि बदबू के कारण अंदर दम घुटने जैसा महसूस होने लगा। भारद्वाज ने कई बार जोर से आवाज लगाई, लेकिन ट्रेन की रफ्तार और शोर के कारण कोई उनकी पुकार नहीं सुन सका। उनके पास रेलवे के किसी अधिकारी का नंबर भी नहीं था, जिससे परेशानी और बढ़ गई। इस स्थिति में उनका मोबाइल फोन ही एकमात्र सहारा बना। उन्होंने तुरंत अपने भाई हरीश शर्मा व बेटे दिव्यांश को फोन कर मदद मांगने की कोशिश की। परिवार ने रेलवे हेल्पलाइन को कॉल किया, लेकिन शुरुआत में कॉल तक नहीं जुड़ पाया। इस बीच भारद्वाज मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गए थे।

कर्मचारियों ने किया रेस्क्यू, दरवाजा तोड़कर निकाला बाहर

कुछ देर बाद रेलवे कर्मचारियों को सूचना मिली और वे मौके पर पहुंचे। लगभग 10 मिनट तक उन्होंने दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन कुंडी पूरी तरह जाम हो चुकी थी। अंत में कर्मचारियों ने दरवाजा तोड़ने का फैसला लिया। भारद्वाज ने खुद दोनों हाथों से दरवाजे को संभाला ताकि टूटकर वह उन पर न गिरे। कुछ ही वार में दरवाजा टूट गया और वे सुरक्षित बाहर आ गए। उनके हाथों में हल्की चोट आई।

यात्रियों के लिए सलाह

करीब 58 मिनट तक चले इस घटनाक्रम ने उनके परिवार को भी परेशान कर दिया। उनके पुत्र दिव्यांश ने बताया कि हेल्पलाइन से संपर्क करना भी मुश्किल हो गया था। उन्होंने रेलवे से मांग की कि ट्रेन के टॉयलेट और दरवाजों की नियमित जांच जरूरी है। घटना के बाद भारद्वाज ने कहा कि ट्रेन के टॉयलेट में जाते समय मोबाइल फोन जरूर लेकर जाएं। उन्होंने रेलवे से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की, ताकि भविष्य में किसी यात्री को ऐसी मुश्किल न झेलनी पड़े।