राजस्थान में बजरी माफिया पर सियासी घमासान, टीकाराम जूली का भजनलाल सरकार पर बड़ा हमला
राजस्थान में अवैध बजरी खनन पर गरमाई राजनीति, टीकाराम जूली ने सरकार और विधायकों पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए
राजस्थान में अवैध बजरी खनन और माफिया के बढ़ते हौसले को लेकर राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उनकी सरकार पर अब तक का सबसे कड़ा हमला बोलते हुए सीधे तौर पर मंत्री और विधायकों की संलिप्तता का आरोप लगाया है। जूली का कहना है कि प्रदेश में अवैध खनन कोई छिपा हुआ कारोबार नहीं, बल्कि यह सत्ता के संरक्षण में खुलेआम चल रहा है।
“सरकार और माफिया की मिलीभगत” का आरोप
टीकाराम जूली ने कहा कि कांग्रेस शुरू से यह कहती आ रही है कि बजरी माफिया को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार सच में ईमानदार है, तो वह उच्च स्तरीय जांच के आदेश क्यों नहीं देती। जूली के अनुसार, सरकार की चुप्पी यह संकेत देती है कि कहीं न कहीं सत्ता पक्ष के लोग इस अवैध कारोबार से जुड़े हुए हैं।उन्होंने कहा कि अवैध खनन केवल पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचा रहा, बल्कि कानून व्यवस्था को भी कमजोर कर रहा है। प्रदेश में हालात ऐसे बन गए हैं कि माफिया बेखौफ होकर काम कर रहा है और पुलिस भी दबाव में नजर आ रही है।
केकड़ी घटना ने खड़े किए गंभीर सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने केकड़ी की हालिया घटना का जिक्र करते हुए इसे बेहद शर्मनाक बताया। उनके अनुसार, एक एएसआई ने खुद स्वीकार किया कि उस पर कार्रवाई न करने के लिए विधायक का फोन आया था, जिसके बाद उसे हटाया गया। जूली ने कहा कि यह घटना साफ दिखाती है कि पुलिस के हाथ बांध दिए गए हैं और माफिया को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।उन्होंने आरोप लगाया कि जब पुलिस पर इस तरह का दबाव डाला जाएगा, तो अवैध कारोबार पर रोक कैसे लगेगी। यह घटना प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
पुलिस पर हमले और बिगड़ती कानून व्यवस्था
टीकाराम जूली ने कहा कि राजस्थान में बजरी माफिया इतना मजबूत हो चुका है कि वह पुलिस पर भी हमला करने से नहीं डरता। आए दिन पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट और हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस और सख्त कदम नजर नहीं आ रहा।उन्होंने कहा कि अगर यही हाल रहा तो आम जनता का कानून पर से भरोसा उठ जाएगा। पुलिस का मनोबल टूटेगा और माफिया का हौसला और बढ़ेगा।
अरावली का चीरहरण और पर्यावरण पर खतरा
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ पर्यावरण संरक्षण की बातें की जाती हैं, दूसरी तरफ अरावली पर्वत श्रृंखला का खुलेआम दोहन हो रहा है। अवैध खनन से न सिर्फ पहाड़ों को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि जल स्रोत और वन्य जीवन भी खतरे में है। जूली ने कहा कि अरावली का संरक्षण केवल भाषणों तक सीमित रह गया है, जबकि जमीनी स्तर पर बजरी माफिया को पूरी छूट दी जा रही है।
मुख्यमंत्री से सीधे सवाल
टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सीधे सवाल करते हुए पूछा कि क्या सरकार कार्रवाई करेगी या फिर आरोपों में घिरे लोगों को बचाएगी। उन्होंने मांग की कि केकड़ी मामले में संबंधित विधायक की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।जूली का कहना है कि जब तक सरकार पारदर्शी जांच के आदेश नहीं देगी, तब तक संदेह बना रहेगा।
बजट सत्र में घेरने की तैयारी
नेता प्रतिपक्ष ने साफ संकेत दिए कि आगामी विधानसभा बजट सत्र में यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की “बचाओ और कमाओ” नीति को सदन में उजागर करेगी और हर सवाल का जवाब मांगेगी।जूली ने कहा कि अब सरकार की चुप्पी नहीं चलेगी और जनता के हित में अवैध खनन के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई जरूरी है।