बजट से पहले सीएम भजनलाल शर्मा का विधायकों से मंथन, हर विधानसभा की जरूरतों पर फोकस

राजस्थान बजट 2026-27 की तैयारी तेज, सीएम भजनलाल शर्मा ने विधायकों से जमीनी जरूरतों पर किया सीधा संवाद

Jan 2, 2026 - 16:40
बजट से पहले सीएम भजनलाल शर्मा का विधायकों से मंथन, हर विधानसभा की जरूरतों पर फोकस

राजस्थान के आगामी बजट 2026-27 को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने साल की शुरुआत में ही तैयारियों को रफ्तार दे दी है। इसी कड़ी में आज सुबह 11 बजे से मुख्यमंत्री आवास पर विधायकों और विधायक प्रत्याशियों के साथ बैठकें शुरू हुईं। यह केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि देर रात तक चलने वाला गहन मंथन है, जिसमें प्रदेश के हर कोने की जरूरतों को समझने की कोशिश की जा रही है।

बजट से पहले ‘ग्राउंड जीरो’ की पड़ताल

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का फोकस इस बार कागजी रिपोर्ट्स से आगे बढ़कर जमीनी हकीकत जानने पर है। बैठक में जनप्रतिनिधियों से सीधे सवाल किए जा रहे हैं कि उनके क्षेत्र को सबसे ज्यादा किस चीज की जरूरत है। पानी, सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा हो रही है, ताकि बजट में वास्तविक जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके।

जोधपुर संभाग पर पूरा दिन केंद्रित

आज का पूरा दिन जोधपुर संभाग के जिलों के नाम रहेगा। मुख्यमंत्री जिलेवार तरीके से प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे हैं। इस दौरान स्थानीय समस्याओं, अधूरी योजनाओं और नई संभावनाओं पर विस्तार से बात हो रही है। उद्देश्य साफ है—हर क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को समझना और उसी आधार पर बजट का खाका तैयार करना।

200 विधानसभाओं का विकास डेटा तैयार करने की पहल

मुख्यमंत्री का विजन प्रदेश की सभी 200 विधानसभाओं की विस्तृत स्थिति रिपोर्ट तैयार करना है। इसके लिए केवल मौजूदा विधायक ही नहीं, बल्कि विधायक प्रत्याशियों से भी संवाद किया जा रहा है। इससे सरकार को हर विधानसभा की अलग-अलग जरूरतों और विकास के स्तर की स्पष्ट तस्वीर मिल सकेगी। यह पहल इसलिए भी अहम है ताकि कोई क्षेत्र विकास की दौड़ में पीछे न रह जाए।

राजनीतिक भेदभाव से ऊपर बजट का संकल्प

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया है कि बजट आवंटन में किसी तरह का राजनीतिक भेदभाव नहीं होगा। चाहे क्षेत्र सत्तारूढ़ दल का हो या विपक्ष का, विकास सभी के लिए समान रूप से प्राथमिकता रहेगा। पिछली बार की तरह इस बार भी सरकार एक सर्वस्पर्शी और समावेशी बजट पेश करने की दिशा में काम कर रही है।

चार वर्गों पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री सचिवालय के अनुसार, बजट की रूपरेखा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस संकल्पना पर आधारित होगी, जिसमें समाज के चार प्रमुख वर्ग—गरीब, युवा, किसान और महिलाएं—केंद्र में हैं। योजनाओं का उद्देश्य इन वर्गों को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाना है। इससे प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

हर कोने तक पहुंचे विकास की रोशनी

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का मानना है कि एक आदर्श बजट वही होता है, जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उनका कहना है कि सरकार का लक्ष्य ऐसा बजट तैयार करना है, जो राजस्थान के हर कोने में विकास की नई रोशनी पहुंचाए। चाहे वह शहरी क्षेत्र हो या दूर-दराज का गांव, सभी को समान अवसर और सुविधाएं मिलनी चाहिए।

जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश

इन बैठकों के जरिए सरकार यह जानने की कोशिश कर रही है कि आम जनता बजट से क्या अपेक्षा रखती है। जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जनता की आवाज सीधे सरकार तक पहुंच रही है। माना जा रहा है कि इस संवाद का असर आगामी बजट में साफ नजर आएगा।

बजट से जुड़े फैसलों पर रहेगी सबकी नजर

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इन बैठकों से निकले सुझावों को बजट में कितनी जगह मिलती है। मुख्यमंत्री का दावा है कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि जनता की जरूरतों का प्रतिबिंब होगा। अगर ऐसा हुआ, तो बजट 2026-27 राजस्थान के विकास में एक अहम मील का पत्थर साबित हो सकता है।