राजस्थान में निजी स्लीपर बस ऑपरेटर्स की हड़ताल खत्म, आज रात से शुरू हुआ संचालन

चार दिन से चल रही निजी स्लीपर बसों की हड़ताल खत्म, परिवहन विभाग से बातचीत के बाद संचालन शुरू।

Nov 4, 2025 - 21:50
राजस्थान में निजी स्लीपर बस ऑपरेटर्स की हड़ताल खत्म, आज रात से शुरू हुआ संचालन
टूर एंड ट्रेवल्स की बसों के फोटो

जयपुर। राजस्थान में निजी स्लीपर बस ऑपरेटर्स की हड़ताल मंगलवार को चौथे दिन खत्म हो गई।

परिवहन मुख्यालय में हुई बैठक के बाद बस ऑपरेटर्स यूनियन ने बिना शर्त हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की।

इसके साथ ही मंगलवार रात से ही बसों का संचालन दोबारा शुरू कर दिया गया है।

🔹 सरकार और यूनियन के बीच हुई सकारात्मक बातचीत

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा के निर्देश पर परिवहन विभाग और बस ऑपरेटर्स यूनियन के प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत बातचीत हुई।

बैठक में सरकार ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और बिना बॉडी कोड या सुरक्षा मानकों को पूरा किए किसी भी बस को संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

🔹 यूनियन ने कहा — “हम सुरक्षा के सभी नियमों का पालन करेंगे”

ऑल राजस्थान कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस यूनियन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा,

“हम यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सरकार जितने ही गंभीर हैं। हमने बिना किसी शर्त के हड़ताल वापस ले ली है और अब सभी बसें सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए संचालित होंगी।”

उन्होंने कहा कि हाल के सड़क हादसों में हुई जनहानि बेहद दुखद है और अब से हर बस में सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।

🔹 यात्रियों को राहत, रात से बहाल हुई बस सेवाएं

यूनियन के सदस्य मदन यादव ने बताया कि हड़ताल खत्म होने के बाद मंगलवार रात से धीरे-धीरे बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों के अलावा अन्य मांगों पर भी सरकार ने जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।

🔹 4 दिन से बंद थी निजी स्लीपर बस सेवा

पिछले चार दिनों से राजस्थान के विभिन्न रूटों पर निजी स्लीपर बसों का संचालन बंद था, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

अब हड़ताल खत्म होने के बाद जयपुर, जोधपुर, बाड़मेर, उदयपुर, कोटा और अजमेर सहित सभी प्रमुख रूटों पर बस सेवाएं सामान्य होने लगी हैं।

Mahaveer Sankhlecha I am a reporter dedicated to delivering accurate news and meaningful stories to the public.