राजस्थान: शहरी सेवा शिविरों में लीज बकाया पर पूर्ण ब्याज छूट, विकास योजनाओं में राहत
राजस्थान सरकार 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2025 तक शहरी सेवा शिविर आयोजित कर रही है, जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर लीज बकाया पर 100% ब्याज छूट, फ्रीहोल्ड पट्टों, पुनर्ग्रहण शुल्क, और प्रीमियम दरों में 15% से 75% तक छूट दी जाएगी। यह पहल जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और योजनाओं के लाभ वितरण के लिए है।
जयपुर, 14 सितंबर। राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2025 तक प्रदेशभर में शहरी सेवा शिविरों का आयोजन होगा। इन शिविरों के जरिए आमजन को सरकारी योजनाओं का लाभ देने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने का लक्ष्य है। नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग ने इन शिविरों में कई आर्थिक राहतें प्रदान करने की घोषणा की है, जिसके लिए अधिसूचना भी जारी हो चुकी है।
अधिसूचना के अनुसार, पिछले वर्षों की बकाया लीज राशि को 2025-26 तक एकमुश्त जमा करने पर ब्याज में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। फ्रीहोल्ड पट्टों के लिए 10 वर्ष और लीज मुक्ति के लिए 8 वर्ष की लीज राशि, साथ ही बकाया राशि को 2025-26 तक एकमुश्त जमा करने पर 60 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। आवासीय भूखंडों के पुनर्ग्रहण शुल्क में 250 वर्ग मीटर तक 75 प्रतिशत, 250 से 500 वर्ग मीटर तक 50 प्रतिशत, और 500 से 1000 वर्ग मीटर तक 25 प्रतिशत छूट मिलेगी।
कृषि भूमि पर बनी कॉलोनियों, जिनके ले-आउट प्लान स्वीकृत हो चुके हैं, में शेष पट्टों के लिए ब्याज पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी, बशर्ते शिविर को प्रथम शिविर माना जाए। अपंजीकृत दस्तावेजों से खरीदे गए भूखंडों के अंतिम क्रेता को पट्टा देने पर जुर्माने में पूर्ण छूट होगी। साथ ही, आवासीय प्रीमियम दरों में 100 वर्ग मीटर तक 25 प्रतिशत और 100 से 200 वर्ग मीटर तक 15 प्रतिशत छूट का प्रावधान है।
शिविरों में कार्यक्षमता बढ़ाने और जनता को राहत देने के लिए कई उपाय किए गए हैं। भवन निर्माण स्वीकृति, भूमि उपयोग परिवर्तन, और ले-आउट प्लान की तकनीकी जांच के लिए क्षेत्रफल के आधार पर सक्षम अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। आवासीय उपविभाजन/पुनर्गठन में क्षेत्रफल की तीन श्रेणियों में छूटें दी जाएंगी। भूमि उपयोग परिवर्तन शुल्क में गैर-व्यावसायिक से व्यावसायिक उपयोग या अन्य उपयोग परिवर्तन में क्षेत्रफल-आधारित छूटें लागू होंगी।
नगर पालिका अधिनियम की धारा 69-ए के तहत फ्रीहोल्ड पट्टा शुल्क में 200 वर्ग मीटर तक 50 प्रतिशत और 200 से 500 वर्ग मीटर तक 40 प्रतिशत छूट दी जाएगी। भवन मानचित्र शुल्क में 500 वर्ग मीटर तक जी+1 निर्माण के लिए अनुमोदन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। खांचा भूमि आवंटन में छूट और सक्षमता प्रदान की गई है। इसके अलावा, निकाय रिकॉर्ड में नामांतरण, मौका निरीक्षण से छूट, और आवेदन प्रक्रियाओं को सरल करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।