रेगिस्तानी बाड़मेर में ठंड से मिली राहत, तापमान बढ़ा और अब बारिश की उम्मीद

रेगिस्तानी बाड़मेर में जनवरी 2026 की शुरुआत में कड़ाके की ठंड पड़ी, जहां 11 जनवरी को न्यूनतम तापमान 5.8°C तक गिरा (सीजन की सबसे सर्द रात)। साल के अंत में मावठ के बाद शीतलहर आई, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अब तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

Jan 18, 2026 - 12:26
रेगिस्तानी बाड़मेर में ठंड से मिली राहत, तापमान बढ़ा और अब बारिश की उम्मीद

बाड़मेर (राजस्थान): रेगिस्तानी इलाके बाड़मेर में नए साल 2026 की शुरुआत कड़ाके की ठंड के साथ हुई थी, लेकिन अब मौसम में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान में बढ़ोतरी हो रही है और सर्दी का प्रकोप कम हो गया है। रविवार को न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि शनिवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 12 डिग्री दर्ज किया गया था।

इस सीजन में अब तक की सबसे तेज ठंड 11 जनवरी को पड़ी थी, जब न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री तक गिर गया था। साल 2025 के अंतिम दिन हुई मावठ (हल्की बारिश) के बाद अचानक शीतलहर शुरू हो गई थी, जिससे लोगों को भारी परेशानी हुई। लेकिन बीते एक सप्ताह से तापमान में आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे दिन और रात दोनों समय सर्दी से राहत मिल रही है। रात में गर्म कपड़ों और अलाव की जरूरत पहले की तुलना में काफी कम हो गई है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान: तापमान स्थिर, 20 जनवरी को बारिश संभावित

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक तापमान स्थिर बना रहेगा और सामान्य से ऊपर रहेगा। सूर्य के उत्तरायण में प्रवेश के बाद दिन लंबे हो गए हैं, जिससे ठंड का असर और कम हो रहा है। अगले तीन दिनों तक हल्के से मध्यम बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश की संभावना नहीं है।हालांकि, 20 जनवरी को एक नया मौसमी सिस्टम सक्रिय होने की उम्मीद है। इस दिन बाड़मेर सहित पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। बारिश के साथ हल्की गर्जना (गरज के साथ बौछारें) भी हो सकती है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जुड़ा है, जो उत्तर भारत में मौसम को प्रभावित कर रहा है। 

क्यों बदला मौसम?

पिछले दिनों उत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे का प्रकोप रहा, लेकिन अब विक्षोभ के कमजोर पड़ने और नए सिस्टम के आने से तापमान में स्थिरता आ रही है। बाड़मेर जैसे रेगिस्तानी क्षेत्र में जहां ठंड कम पड़ती है, वहां भी इस बार सीजन की सबसे सर्द रातें रिकॉर्ड हुईं, लेकिन अब राहत का दौर शुरू हो चुका है।