वार्षिक सत्यापन के बाद फिर शुरू होगी सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मंत्री अविनाश गहलोत की अपील
सामाजिक सुरक्षा पेंशन को लेकर मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा, सत्यापन के बाद रुकी पेंशन फिर से होगी चालू
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन को लेकर फैल रही आशंकाओं को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी पात्र लाभार्थी की पेंशन स्थायी रूप से बंद नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश पेंशन रोकी गई है, तो वह केवल वार्षिक सत्यापन के अभाव में है और सत्यापन पूरा होते ही पेंशन दोबारा शुरू हो जाएगी। मंत्री ने सभी पेंशनधारकों से अपील की है कि वे शीघ्र अपना वार्षिक सत्यापन करवा लें, ताकि उन्हें पेंशन का लाभ बिना किसी रुकावट के मिलता रहे।
सरकार की मंशा: हर पात्र व्यक्ति तक पेंशन
मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्राथमिकता सुशासन और जनकल्याण है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की मंशा है कि अधिक से अधिक पात्र पेंशनर्स को नियमित रूप से सामाजिक सुरक्षा पेंशन उपलब्ध कराई जाए। विभाग लगातार ऐसी प्रक्रियाएं अपनाता है, जिससे पेंशनर्स को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें समय पर पेंशन मिलती रहे।
वार्षिक सत्यापन क्यों है जरूरी
मंत्री ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत सभी लाभार्थियों को प्रति वर्ष स्वयं का भौतिक सत्यापन करवाना अनिवार्य होता है। यह प्रक्रिया इसलिए आवश्यक है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पेंशन सही और पात्र व्यक्ति को ही मिल रही है। वार्षिक भौतिक सत्यापन का कार्य प्रत्येक वर्ष 1 नवंबर से 31 दिसंबर की अवधि में किया जाता है। इस तय समयावधि में जो लाभार्थी सत्यापन नहीं करवाते हैं, उनकी पेंशन अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है।
सत्यापन के बाद फिर से शुरू होती है पेंशन
अविनाश गहलोत ने स्पष्ट किया कि सत्यापन नहीं करवाने के कारण यदि किसी लाभार्थी की पेंशन रुक जाती है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। जैसे ही लाभार्थी अपना वार्षिक सत्यापन पूरा करता है, उसकी रुकी हुई पेंशन पुनः चालू कर दी जाती है। इसका उद्देश्य पेंशन बंद करना नहीं, बल्कि व्यवस्था को पारदर्शी और सही बनाए रखना है।
घर बैठे भी कर सकते हैं सत्यापन
मंत्री ने जानकारी दी कि अब तकनीक के माध्यम से पेंशनर्स को बड़ी सुविधा दी गई है। लाभार्थी घर बैठे ही अपने एंड्रॉइड मोबाइल से “Rajasthan Social Pension and Aadhar Face RD” ऐप के जरिए फेस रिकग्निशन के आधार पर भौतिक सत्यापन कर सकते हैं। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनर्स को काफी राहत मिल रही है।
ई-मित्र केंद्रों पर भी उपलब्ध है सुविधा
जो लाभार्थी मोबाइल ऐप का उपयोग नहीं कर सकते, उनके लिए ई-मित्र कियोस्क और ई-मित्र प्लस केंद्रों पर भी वार्षिक सत्यापन की सुविधा उपलब्ध है। यहां लाभार्थी अंगुली की छाप यानी बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट के माध्यम से सत्यापन करवा सकते हैं। ई-मित्र कियोस्क पर इसके लिए 50 रुपये और ई-मित्र प्लस केंद्र पर 10 रुपये का निर्धारित शुल्क लिया जाता है।
निःशुल्क विकल्प की भी जानकारी
मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि फेस रिकग्निशन ऐप के माध्यम से किया जाने वाला सत्यापन पूरी तरह निःशुल्क है। उन्होंने पेंशनर्स से आग्रह किया कि वे इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और समय रहते सत्यापन पूरा करें।
पेंशनर्स से अपील
अंत में मंत्री ने सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और निर्धारित समय में अपना वार्षिक सत्यापन जरूर करवाएं। इससे न केवल उनकी पेंशन निर्बाध रूप से चलती रहेगी, बल्कि सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सही तरीके से सभी जरूरतमंदों तक पहुंच सकेगा।