हर्ष पर्वत से उठा अरावली बचाओ का स्वर, एसएफआई ने स्थापना दिवस पर निकाला पैदल मार्च

एसएफआई ने हर्ष पर्वत पर 56वां स्थापना दिवस मनाया, अरावली बचाओ के लिए कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया।

Dec 31, 2025 - 16:13
हर्ष पर्वत से उठा अरावली बचाओ का स्वर, एसएफआई ने स्थापना दिवस पर निकाला पैदल मार्च

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) का 56वां स्थापना दिवस सोमवार को ऐतिहासिक एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण हर्ष पर्वत पर मनाया गया। इस अवसर पर सैकड़ों छात्र-छात्राएं एकत्रित हुए। कार्यक्रम का आयोजन शिक्षा, संघर्ष और बलिदान के 55 वर्षों की यात्रा को याद करने और भविष्य की दिशा तय करने के उद्देश्य से किया गया।

जिला सचिव राकेश मुवाल ने बताया कि स्थापना दिवस के आयोजन के लिए हर्ष पर्वत का चयन इसलिए किया गया, क्योंकि यह स्थान न केवल ऐतिहासिक धरोहर है, बल्कि अरावली पर्वतमाला का भी अहम हिस्सा है।

झंडारोहण और शहीदों को श्रद्धांजलि

कार्यक्रम की शुरुआत जिला अध्यक्ष महिपाल सिंह गुर्जर द्वारा संगठन का झंडारोहण कर की गई। इसके बाद शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही, जिन्होंने संगठन के नारों के साथ कार्यक्रम में भागीदारी निभाई।

सस्ती और सार्वजनिक शिक्षा पर जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेएनयू के पूर्व काउंसलर अजयपाल सिंह ने देश और प्रदेश के विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में शिक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है, जिससे आम और गरीब वर्ग के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना कठिन होता जा रहा है।

अजयपाल सिंह ने नई शिक्षा नीति सहित विभिन्न कानूनों और नीतियों पर चिंता जताते हुए कहा कि शिक्षा के निजीकरण से सार्वजनिक शिक्षण संस्थानों का भविष्य खतरे में है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे संगठित होकर सस्ती और सुलभ शिक्षा के लिए संघर्ष को तेज करें।

संगठन के इतिहास और संघर्षों की चर्चा

एसएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष जाखड़ ने संगठन के इतिहास और संघर्षों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एसएफआई केवल विद्यार्थियों के मुद्दों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि किसान, मजदूर और शोषित वर्ग के साथ भी हमेशा खड़ा रहा है।

उन्होंने बताया कि आने वाले समय में संगठन विद्यार्थियों की मूलभूत जरूरतों जैसे शिक्षा, छात्रवृत्ति, छात्रावास और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखेगा।

अरावली पर्वतमाला पर बढ़ते खतरे

प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र ढाका ने अपने संबोधन में अरावली पर्वतमाला के संरक्षण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि अरावली देश की सबसे प्राचीन पर्वतमालाओं में से एक है, जो पर्यावरण संतुलन, जल संरक्षण और जैव विविधता के लिए अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने अवैध खनन, अतिक्रमण और सरकारी उदासीनता को अरावली के लिए गंभीर खतरा बताया। उनके अनुसार, यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो इसके दुष्परिणाम आने वाली पीढ़ियों को भुगतने पड़ेंगे।

सरकार से संरक्षण की मांग

कार्यक्रम के दौरान संगठन ने सरकार से मांग की कि अरावली क्षेत्र में अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए। साथ ही हर्ष पर्वत सहित पूरे अरावली क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए, ताकि पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों को बचाया जा सके।

हर्ष पर्वत से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च 

स्थापना दिवस कार्यक्रम के समापन के बाद एसएफआई कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं ने हर्ष पर्वत से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। मार्च के दौरान “अरावली बचाओ” और “पर्यावरण बचाओ” जैसे नारे लगाए गए।

संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक अरावली संरक्षण को लेकर ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

इस पूरे आयोजन में पूर्व जिला अध्यक्ष पंकज डोगीवाल, ओमप्रकाश डूडी, बबीता बाजिया, अभिषेक महला, संदीप नेहरा, राजू बिजारणियां, सुमेर बुडानिया, सुनील गोदारा, गोपाल बागड़ी, बीजू चाचीवाद, प्रकाश सेन, गरिमा भास्कर, विकास जांगिड़, अंकित पचार, बलवीर, दिनेश, खुशी पटेल, स्वाती, नरेश सहित जिला कमेटी के पदाधिकारी और सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।