SI पेपरलीक केस में गहलोत के पूर्व PSO की जमानत खारिज, बेटे सहित 9 आरोपियों को राहत
SI भर्ती पेपरलीक मामले में हाईकोर्ट ने पूर्व CM गहलोत के PSO राजकुमार यादव की जमानत खारिज की, बेटे को मिली राहत।
जयपुर। राजस्थान पुलिस की SI भर्ती पेपरलीक मामले में हाईकोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पूर्व PSO राजकुमार यादव सहित 5 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी, जबकि उनके बेटे भरत यादव सहित 9 आरोपियों को जमानत दे दी गई।
जस्टिस चंद्रप्रकाश श्रीमाली की एकलपीठ ने यह फैसला 14 आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनाया।
🔹 बेटे के लिए खरीदा था पेपर
SOG ने 8 अगस्त को राजकुमार यादव को गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने बेटे भरत यादव को पास करवाने के लिए SI भर्ती परीक्षा का पेपर खरीदा था।
भरत यादव परीक्षा में पास हुआ था, लेकिन फिजिकल टेस्ट में फेल हो गया था।
🔹 गैंग सदस्य और पेपर सॉल्वर को राहत नहीं
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पेपरलीक गिरोह से जुड़े मुख्य आरोपी और सॉल्वर की भूमिका गंभीर है।
इसलिए गैंग सदस्य विजय कुमार डामोर, पेपर सॉल्वर प्रवीण कुमार खराड़ी, सत्येन्द्र यादव, ट्रेनी SI समेता कुमारी, और राजकुमार यादव (पूर्व PSO) की जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
🔹 इन 9 आरोपियों को मिली जमानत
वहीं, कोर्ट ने पूर्व RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा के रिश्तेदार राहुल कटारा, मीडिएटर रविन्द्र सिंह, अभ्यर्थी नेहा पांड्या, नैतिक पांड्या, ऋद्धि पांड्या, भरत यादव, और डमी कैंडिडेट्स अशोक सिंह व राधिका सिंह को जमानत दे दी।
इन पर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने या पेपर खरीदने का आरोप था, लेकिन कोर्ट ने इन्हें राहत प्रदान की।
🔹 कोर्ट ने कहा — “मुख्य साजिशकर्ताओं की भूमिका गम्भीर”
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जिन आरोपियों पर पेपर लीक करवाने या सॉल्विंग गैंग से सीधे संबंध के आरोप हैं, उनकी भूमिका प्रारंभिक जांच में गंभीर पाई गई है। इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती।