सीकर सेवा शिविर में मंत्री संजय शर्मा और कलेक्टर हुए आमने-सामने
सीकर सेवा शिविर में अव्यवस्थाओं पर प्रभारी मंत्री संजय शर्मा भड़के, कलेक्टर को फटकारकर जयपुर रवाना हुए।
सीकर में मंगलवार को उस वक्त प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब जिला प्रभारी मंत्री संजय शर्मा अचानक शहरी सेवा शिविर में पहुंचे। शिविर में कर्मचारियों की खाली कुर्सियां और व्यवस्थाओं की स्थिति देखकर मंत्री नाराज हो गए। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से शिविर के तहत हो रहे कार्यों की जानकारी मांगी, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर गुस्सा और बढ़ गया।
मंत्री संजय शर्मा ने आरओ महेश योगी से कार्यों की सूची पूछी। मोबाइल पर सूची दिखाए जाने पर उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि वे मंत्री हैं, कोई साधारण कर्मचारी नहीं, और प्रिंटेड सूची मांगी। करीब दस मिनट तक अधिकारी सूची उपलब्ध नहीं करा सके। इस दौरान एक्सईएन प्रतिभा चौधरी भी शहर में फेरोकवर और स्ट्रीट लाइट से जुड़े सवालों का जवाब नहीं दे पाईं, जिस पर मंत्री ने उन्हें साइड में खड़े होने को कहा।
मंत्री के पहुंचने के करीब 20 मिनट बाद जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा नगर परिषद पहुंचे। मंत्री ने कलेक्टर को पास बैठाकर सीकर में सेवा शिविर के कार्यों की जानकारी मांगी, लेकिन संबंधित अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जब कलेक्टर ने नगर परिषद कर्मचारियों का पक्ष सुनने की बात कही, तो मंत्री ने साफ कहा कि “इन चोरों को प्रोटेक्शन देने की जरूरत नहीं है।”
नगर परिषद में मौजूद पूर्व पार्षद साबिर बिसाती ने फेरोकवर नहीं लगाने की शिकायत की, जिस पर भी मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई। इसी दौरान अवैध निर्माण की शिकायत लेकर पहुंची महिला अन्नू देवी ने बताया कि वह एक महीने से शिकायत कर रही हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। मंत्री ने उनकी एप्लिकेशन लेकर जयपुर जाने और वहां कार्रवाई कराने की बात कही।
घटनाक्रम के दौरान मंत्री संजय शर्मा ने जिला कलेक्टर को फटकार लगाते हुए कहा कि “कलेक्टर साहब, आप अपनी मर्जी से जिला और सेवा शिविर चलाइए, मैं जा रहा हूं।” इसके बाद वे नाराज होकर जयपुर रवाना हो गए।
मंत्री के जाने के कुछ देर बाद यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा नगर परिषद पहुंचे। कलेक्टर ने उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। खर्रा ने फोन पर प्रभारी मंत्री से बात की और फिर वे भी वहां से रवाना हो गए। पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।