चौमूं में पत्थरबाजों पर चलाबुलडोजर, डिप्टी सीएम बैरवा का बड़ा बयान, उपद्रवियों को सख्त चेतावनी

चौमूं में बुलडोजर कार्रवाई पर डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा का सख्त बयान, कानून व्यवस्था पर जीरो टॉलरेंस का संदेश

Jan 2, 2026 - 12:50
चौमूं में पत्थरबाजों पर चलाबुलडोजर, डिप्टी सीएम बैरवा का बड़ा बयान, उपद्रवियों को सख्त चेतावनी

राजस्थान की राजधानी जयपुर के चौमूं कस्बे में शुक्रवार सुबह प्रशासन की ओर से की गई बुलडोजर कार्रवाई ने पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना दिया है। यह कार्रवाई 25 दिसंबर की रात मस्जिद के बाहर रेलिंग लगाने को लेकर हुए विवाद और उसके बाद हुई पत्थरबाजी की घटना के बाद की गई। इस घटना में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे और इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी। अब इस पूरे मामले पर राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा का पहला बयान सामने आया है, जिसे उपद्रवियों के लिए कड़ी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है।

कानून-व्यवस्था के समर्थन में सख्त कदम

डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने साफ शब्दों में कहा कि चौमूं में कानून को अपने हाथ में लेकर अशांति फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सख्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई किसी समुदाय या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि कानून और व्यवस्था के समर्थन में है। राजस्थान सरकार की नीति स्पष्ट है कि शांति भंग करने और हिंसा फैलाने वालों के प्रति जीरो टॉलरेंस अपनाई जाएगी। कानून-व्यवस्था में दखल देने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

पत्थरबाजी की घटना के बाद बढ़ा तनाव

25 दिसंबर की रात चौमूं में मस्जिद के बाहर रेलिंग लगाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। देखते ही देखते मामला बिगड़ गया और दोनों ओर से भारी पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर भी पथराव हुआ, जिसमें कुछ जवान घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।

पहले दिए गए थे तीन नोटिस

प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि बुलडोजर कार्रवाई अचानक नहीं की गई। नगर परिषद चौमूं ने सड़क सीमा में अतिक्रमण कर बनाए गए 24 अवैध निर्माणों को पहले ही चिन्हित कर लिया था। इन निर्माणों पर तीन बार नोटिस जारी किए गए और 31 दिसंबर तक अतिक्रमण हटाने या जवाब देने का समय दिया गया था। लेकिन निर्धारित समय तक किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया।

अवैध मीट दुकानों पर भी कार्रवाई

बुलडोजर एक्शन के तहत केवल पत्थरबाजी से जुड़े मामलों पर ही नहीं, बल्कि अवैध मीट और नॉनवेज दुकानों पर भी प्रशासन का हंटर चला। सड़क सीमा में अतिक्रमण कर संचालित हो रही इन दुकानों को हटाने के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। नोटिस में साफ कहा गया है कि यदि अतिक्रमण स्वयं नहीं हटाया गया, तो ध्वस्तीकरण का खर्च भी संबंधित संचालकों से ही वसूला जाएगा।

छावनी में तब्दील हुआ इलाका

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए चौमूं को लगभग छावनी में तब्दील कर दिया गया था। भारी पुलिस बल तैनात रहा और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी गई। डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद मीणा और एडिशनल डीसीपी राजेश गुप्ता खुद मौके पर मौजूद रहे। पुलिसकर्मी हेलमेट, लाठी और सेफ्टी जैकेट के साथ तैनात थे ताकि हालात पूरी तरह नियंत्रण में रहें।

कार्रवाई को मिला समर्थन

पूर्व विधायक रामलाल शर्मा सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह कदम उन लोगों के लिए नजीर बनेगा जो कानून को चुनौती देने की कोशिश करते हैं। प्रशासन की सख्ती से आम लोगों में सुरक्षा और भरोसे का संदेश गया है।कुल मिलाकर, चौमूं में हुई यह बुलडोजर कार्रवाई और डिप्टी सीएम का बयान साफ संकेत देता है कि राजस्थान सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है। शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहने की बात कही गई है।