ईसरदा पेयजल परियोजना पर सियासत गरम, कांग्रेस विधायक डीसी बैरवा का भाजपा पर बड़ा हमला
ईसरदा पेयजल योजना को लेकर दौसा में सियासी घमासान, विधायक डीसी बैरवा ने भाजपा पर साधा निशाना
राजस्थान के दौसा जिले में ईसरदा पेयजल परियोजना को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी टकराव खुलकर सामने आ गया है। दौसा से कांग्रेस विधायक डीसी बैरवा ने भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि पंचायत और नगर निकाय चुनावों से पहले जनता ही भाजपा को “पानी पिला देगी”। उनका यह बयान प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
उद्घाटन पर इस्तीफे की चेतावनी
कांग्रेस विधायक डीसी बैरवा ने कहा कि यदि पंचायत और नगर निकाय चुनावों से पहले भाजपा सरकार ईसरदा पेयजल परियोजना का उद्घाटन करती है, तो वे अपने विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने दावा किया कि यह योजना पूरी तरह से पूर्ववर्ती गहलोत सरकार की देन है, लेकिन भाजपा सरकार अब इसका श्रेय लेने की कोशिश कर रही है।
“ईसरदा योजना कांग्रेस सरकार की देन”
विधायक बैरवा ने स्पष्ट कहा कि ईसरदा पेयजल परियोजना की नींव कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में रखी गई थी। उस समय भाजपा ने इस योजना में कई तरह की बाधाएं खड़ी की थीं। अब जब परियोजना लगभग पूरी होने की स्थिति में है, तो भाजपा सरकार केवल उद्घाटन कर राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है।उन्होंने कहा कि दौसा में पानी आना लगभग तय है और यह योजना अपने अंतिम चरण में है। बावजूद इसके भाजपा सरकार केवल श्रेय लेने की राजनीति कर रही है।
पंचायत चुनाव को लेकर भाजपा पर आरोप
डीसी बैरवा ने आरोप लगाया कि पंचायत और नगर निकाय चुनाव नजदीक होने के कारण भाजपा सरकार जनता के बीच वाहवाही लूटने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि उद्घाटन से ज्यादा जरूरी यह है कि योजना का शेष कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि लोगों को वास्तव में पानी मिल सके।
“एक साल से पहले नहीं आएगा पानी”
कांग्रेस विधायक ने भाजपा सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि चाहे सरकार कुछ भी कहे, लेकिन अगले एक साल के भीतर दौसा में ईसरदा परियोजना का पानी आना संभव नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “भाजपा सरकार चाहे जितनी कोशिश कर ले, पंचायत चुनाव के दौरान जनता ही भाजपा को पानी पिला देगी।”उन्होंने यह भी बताया कि ईसरदा परियोजना का करीब 80 प्रतिशत कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि शेष काम कांग्रेस सरकार के समय ही तेजी से आगे बढ़ाया गया था।
श्रेय की राजनीति छोड़ने की मांग
डीसी बैरवा ने राज्य सरकार से अपील की कि वह श्रेय की राजनीति छोड़कर ईसरदा परियोजना के बचे हुए काम को गंभीरता से पूरा करे। उन्होंने कहा कि जनता को राजनीति से ज्यादा अपने घरों तक पानी पहुंचने की जरूरत है।हालांकि उन्होंने यह भी माना कि यह खुशी की बात है कि दौसा जिले की जनता को जल्द पानी मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि श्रेय चाहे कोई भी ले, लेकिन सच्चाई यही है कि यह योजना कांग्रेस सरकार की देन है।
जिले की राजनीति में बढ़ी हलचल
विधायक के इस बयान के बाद दौसा जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले पंचायत और नगर निकाय चुनावों में ईसरदा पेयजल परियोजना बड़ा सियासी मुद्दा बन सकती है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल इस परियोजना को लेकर जनता के बीच अपनी-अपनी बात रखने की तैयारी में जुट गए हैं।
1256 गांवों को मिलेगा ईसरदा का पानी
ईसरदा पेयजल परियोजना से सवाई माधोपुर और दौसा जिले के कुल 7 छोटे-बड़े शहरों और 1256 गांवों को लाभ मिलेगा। यह बांध सवाई माधोपुर और टोंक जिलों की सीमा पर स्थित है और इसका निर्माण बनास नदी पर किया गया है।इस परियोजना के पूरा होने से दौसा और सवाई माधोपुर जिलों के कई गांवों और शहरों की लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या दूर होने की उम्मीद है। यही वजह है कि यह परियोजना केवल विकास नहीं, बल्कि आगामी चुनावों में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा भी बनती जा रही है।