राजस्थान में अपराध पर लगाम: हत्या, लूट और महिला अपराधों में बड़ी गिरावट का दावा
राजस्थान में अपराध दर घटी। सीएम भजनलाल शर्मा ने हत्या, लूट और महिला अपराधों में कमी की जानकारी दी।
राजस्थान में कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार के प्रयासों का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में अपराध के आंकड़ों में आई उल्लेखनीय कमी की जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2023 की तुलना में कुल अपराधों में करीब 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह कमी केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव आमजन के विश्वास और राज्य के निवेश माहौल पर भी पड़ा है।
हत्या और लूट के मामलों में तेज गिरावट
मुख्यमंत्री ने बताया कि गंभीर अपराधों में राज्य ने बड़ी सफलता हासिल की है। हत्या के मामलों में 25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जबकि लूट के मामलों में लगभग 50 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। यह गिरावट राज्य पुलिस द्वारा की जा रही सख्त निगरानी, त्वरित कार्रवाई और संगठित अपराधों पर केंद्रित रणनीति का परिणाम मानी जा रही है। सीएम के अनुसार, अपराधियों पर लगातार दबाव बनाए रखने से उनके हौसले कमजोर हुए हैं और कई गैंग गतिविधियां ठप पड़ी हैं।
महिला अत्याचार और एससी-एसटी अपराधों में कमी
राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि महिला अत्याचार के मामलों में करीब 10 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विरुद्ध अपराधों में 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। सरकार का कहना है कि संवेदनशील मामलों में त्वरित एफआईआर, प्रभावी जांच और समयबद्ध कार्रवाई से पीड़ितों का भरोसा बढ़ा है और अपराधियों में कानून का डर बना है।
संगठित अपराध और गैंग गतिविधियों पर सख्ती
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि संगठित अपराधों पर विशेष फोकस किया गया है। गैंगस्टरों और आपराधिक नेटवर्क की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस द्वारा अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने की रणनीति पर काम किया गया है, जिसका असर अब जमीन पर दिखने लगा है। उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर अपराधियों के महिमामंडन और गैंग गतिविधियों की निगरानी कर उन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है, ताकि युवा वर्ग गलत रास्ते पर न जाए।
नए आपराधिक कानूनों से बढ़ा अपराधियों पर दबाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए आपराधिक न्याय कानूनों के लागू होने से जांच और न्याय प्रक्रिया में तेजी आई है। त्वरित जांच और समयबद्ध न्याय के कारण अपराधियों पर सीधा दबाव बढ़ा है। गंभीर मामलों में एफएसएल आधारित जांच, ई-एफआईआर की सुविधा और डिजिटल चार्जशीट जैसी व्यवस्थाओं से अपराध छुपाना और कानून से बचना अब पहले जैसा आसान नहीं रहा है। इससे पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ी है और मामलों का निपटारा तेजी से हो रहा है।
निवेश और आमजन के भरोसे पर सकारात्मक असर
कानून-व्यवस्था में सुधार का सीधा असर प्रदेश के निवेश माहौल पर भी पड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के चलते राजस्थान में निवेश का सुरक्षित वातावरण बना है। उद्योग और व्यवसाय जगत में राज्य को लेकर विश्वास बढ़ा है।उन्होंने साफ कहा कि अपराधियों के लिए राजस्थान अब सुरक्षित ठिकाना नहीं रहा है, जबकि आम नागरिक खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
पुलिस आधुनिकीकरण और साइबर अपराध पर फोकस
राज्य सरकार ने पुलिस आधुनिकीकरण, साइबर अपराध नियंत्रण और पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी है। संसाधनों में बढ़ोतरी कर पुलिस को तकनीकी रूप से मजबूत किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि अपराध नियंत्रण की यह मुहिम आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगी, ताकि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और कानून का राज लगातार मजबूत बना रहे।