विधायक भाटी का विधानसभा में तीखा सवाल: NFSA से वंचित परिवारों को न्याय कब? अपात्रों की सफाई और PDS की गुणवत्ता पर हल्ला बोल
राजस्थान विधानसभा में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने NFSA से अपात्र परिवारों को हटाने, वंचित पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने और PDS की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने बाड़मेर जिले में सर्वे और कार्रवाई की मांग की, ताकि गरीबों को उनका हक मिले।
जयपुर, 29 जनवरी 2026: राजस्थान विधानसभा के पंचम सत्र में आज शिव विधानसभा क्षेत्र के युवा और ऊर्जावान विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। NFSA (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम) के तहत अपात्र परिवारों को हटाने, वास्तविक पात्रों के वंचित रहने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में अनियमितताओं जैसे गंभीर विषयों पर विधायक भाटी ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री से विस्तृत जवाब मांगा। यह मुद्दा न केवल बाड़मेर जिले की सच्चाई को उजागर करता है, बल्कि पूरे राज्य में गरीब परिवारों की दयनीय स्थिति पर सवाल उठाता है।
विधायक भाटी ने सदन में जोरदार तरीके से कहा कि बाड़मेर जिले में NFSA से कितने परिवारों को अपात्र घोषित कर योजना से बाहर किया गया है? उन्होंने मंत्री से पूछा, "इन परिवारों को किन कारणों से हटाया गया? क्या यह प्रक्रिया पारदर्शी है या इसमें भ्रष्टाचार की बू आ रही है?" उन्होंने आगे बताया कि कई असली पात्र परिवारों के नाम सूची से गायब हैं या उन्हें लाभ नहीं मिल रहा। "शिव क्षेत्र में ऐसे दर्जनों परिवार हैं जो भूख और गरीबी से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकारी लापरवाही की वजह से योजना से वंचित हैं," भाटी ने आवाज बुलंद करते हुए कहा। उन्होंने सरकार से मांग की कि इन वंचित परिवारों का तत्काल सर्वे किया जाए और उन्हें NFSA से जोड़ा जाए, ताकि उनका वैधानिक अधिकार सुरक्षित हो सके।
इसके अलावा, PDS के तहत वितरित होने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर भी विधायक ने सवाल उठाया। "कई जगहों पर गेहूं, चावल और अन्य सामग्री की मात्रा कम दी जा रही है, गुणवत्ता घटिया है और अनियमितताएं चरम पर हैं। जमीनी स्तर पर क्या जांच हो रही है?" भाटी ने पूछा। उन्होंने जोर देकर कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना गरीबों के जीवन की रक्षा करने वाली योजना है, और इसमें पारदर्शिता, शुद्धता तथा पात्रता का सही निर्धारण सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। "अगर सरकार इस पर चुप रही, तो गरीबों का क्या होगा?" विधायक के इन सवालों ने सदन में हलचल मचा दी और विपक्षी सदस्यों ने भी उनका समर्थन किया।
विधायक रविंद्र सिंह भाटी, जो शिव क्षेत्र से निर्दलीय विधायक हैं, अपनी बेबाकी और जनहित के मुद्दों पर मुखरता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने पहले भी जल संकट, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर सरकार को घेरा है। आज के इस सवाल से साफ है कि वे अपने क्षेत्र के लोगों की आवाज बनकर सदन में लड़ाई लड़ रहे हैं। सरकार की ओर से मंत्री ने जवाब देने का आश्वासन दिया, लेकिन विस्तृत आंकड़े और कार्रवाई की समयसीमा पर अभी स्पष्टता नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा राज्य में NFSA की प्रभावी क्रियान्वयन पर बड़ा सवाल खड़ा करता है, जहां लाखों परिवार अभी भी योजना के लाभ से वंचित हैं।