RPSC सदस्यता का कथित रिश्वत मामला फिर गरमाया, BJP ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर साधा निशाना
RPSC सदस्य बनने की कथित 1.20 करोड़ की डील पर सियासत तेज, BJP ने कांग्रेस पर युवाओं का भविष्य बर्बाद करने का आरोप लगाया
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) का सदस्य बनने के लिए कथित तौर पर दी गई रकम का मामला एक बार फिर राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर इस मामले को उठाते हुए कांग्रेस पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।
BJP का कांग्रेस पर सीधा हमला
भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दौरान पेपर लीक जैसे मामलों के जरिए युवाओं के सपनों को तोड़ा गया। पार्टी ने इस कथित घोटाले की तुलना महाभारत के पात्र एकलव्य से करते हुए कहा कि जैसे एकलव्य से उसका अंगूठा छीन लिया गया था, वैसे ही कांग्रेस ने युवाओं का भविष्य काट दिया। भाजपा ने इसे कांग्रेस का तथाकथित “खटाखट मॉडल” बताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार में निवेश किया गया और अपराध के जरिए वसूली की गई।
1.20 करोड़ रुपये की कथित डील का आरोप
भाजपा के अनुसार, कांग्रेस शासनकाल में RPSC का सदस्य बनने के लिए 1 करोड़ 20 लाख रुपये की डील की गई थी। आरोप है कि यह रकम दो किस्तों में दी गई, जिसमें शुरुआती तौर पर 40 लाख रुपये का भुगतान किया गया। भाजपा का दावा है कि यह पैसा एक कांग्रेस नेता तक पहुंचाया गया और इसके बदले RPSC में सदस्यता दिलाई गई।
ED की चार्जशीट का हवाला
इस पूरे मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट का भी जिक्र किया जा रहा है। चार्जशीट के अनुसार, बाबूलाल कटारा ने RPSC सदस्य बनने के लिए कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश खोडनिया को 1 करोड़ 20 लाख रुपये देने पर सहमति जताई थी। यह रकम पांच साल में हर साल 20 लाख रुपये की दर से दी जानी थी। बताया गया कि शुरुआत में 40 लाख रुपये दिए भी जा चुके थे।
दिनेश खोडनिया ने आरोपों से किया इनकार
वहीं, कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश खोडनिया ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले में ED से क्लीन चिट मिल चुकी है। खोडनिया के अनुसार, उनके घर से जब्त किए गए 24 लाख रुपये भी बाद में रिलीज कर दिए गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला करीब ढाई साल पुराना है और कोर्ट ने ट्रिब्यूनल में उन्हें बरी कर दिया है।
मानहानि का केस करने की चेतावनी
दिनेश खोडनिया ने आशंका जताई कि उनकी ही पार्टी के कुछ लोग इस पुराने मामले को जानबूझकर दोबारा हवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए जाते रहे तो वे मानहानि का मुकदमा दर्ज कराएंगे। खोडनिया का कहना है कि राजनीतिक फायदे के लिए उनके नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है।
बाबूलाल कटारा ने आरोपों को बताया झूठा
इस मामले में एक अहम मोड़ 28 फरवरी 2024 को आया, जब उदयपुर की सेंट्रल जेल में बंद बाबूलाल कटारा ने कोर्ट में दिए गए अपने बयान में दिनेश खोडनिया के खिलाफ लगाए गए आरोपों से इनकार किया। कोर्ट में पेश किए गए वाद में कटारा ने पैराग्राफ 1 से 9 तक के बयानों को जानकारी के अभाव में खारिज किया और पैराग्राफ 10 में दिए गए आरोपों को झूठा और गुमराह करने वाला बताया।
दबाव में दिए गए थे पुराने बयान
बाबूलाल कटारा ने कोर्ट को यह भी बताया कि पूछताछ के दौरान ED अधिकारियों ने उनके सामने कई नामों की सूची रखी थी। उनके अनुसार, पुराने बयान दबाव और गलतफहमी की स्थिति में दिए गए थे। कटारा ने कोर्ट से अनुरोध किया कि पुराने बयानों के आधार पर किसी भी तरह का निष्कर्ष न निकाला जाए।
राजनीतिक घमासान जारी
RPSC से जुड़ा यह मामला अब सिर्फ कानूनी नहीं बल्कि राजनीतिक बहस का भी विषय बन गया है। भाजपा जहां इसे कांग्रेस सरकार के कथित भ्रष्टाचार का उदाहरण बता रही है, वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह मामला बेबुनियाद है और राजनीतिक बदले की भावना से उछाला जा रहा है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर राजनीति और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।