वसुंधरा राजे का दर्द भरा खुलासा: "पांव के छाले पिन से फोड़कर आगे बढ़ जाती थीं"

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालावाड़ के उन्हेल में सांसद दुष्यंत सिंह की 3 दिवसीय 'आशीर्वाद पदयात्रा' को भगवा झंडी दिखाकर रवाना किया।

Jan 15, 2026 - 18:19
वसुंधरा राजे का दर्द भरा खुलासा: "पांव के छाले पिन से फोड़कर आगे बढ़ जाती थीं"

झालावाड़ जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल उन्हेल (उन्हेल नागेश्वर) में आज एक भावुक और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने अपने बेटे एवं स्थानीय सांसद दुष्यंत सिंह की 3 दिवसीय 'आशीर्वाद पदयात्रा' (जन संवाद पदयात्रा) को भगवा झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान राजे ने अपनी पुरानी पदयात्राओं का जिक्र करते हुए कहा, "मैं चलती रही उम्रभर दुआओं के साथ, पांव के छाले कभी मेरी राहें नहीं रोक पाये"।

उन्होंने बताया कि जब वे सांसद थीं, तब पदयात्रा के दौरान पांव में छाले पड़ जाते थे। ऐसे में वे पिन से छाले फोड़कर आगे बढ़ जाती थीं। यह बयान सुनकर मौजूद जनसमूह भावुक हो उठा। राजे ने इस मौके पर नेताओं की आलोचना भी की और कहा, "ज्यादातर नेता चुनाव के समय आते हैं और जीतकर चले जाते हैं। पूरे 5 साल एसी में रहते हैं, पर हम ऐसा नहीं करते। हम क्षेत्र को परिवार मानते हैं और लोगों को मतदाता नहीं, भाग्य निर्माता मानते हैं।"

पदयात्रा का उद्देश्य: जन-जन से जुड़ाव और विकास

वसुंधरा राजे ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह पदयात्रा राजनीतिक नहीं, बल्कि अपनों की, अपनों के लिए और अपनों के द्वारा यात्रा है। इसका मकसद जनता की आवाज सुनना, उनकी तकलीफों को गले लगाना और हर वाजिब समस्या का समाधान करना है। उन्होंने कहा, "यह यात्रा क्षेत्र की उन्नति, विकास और आपके विश्वास की यात्रा है। सांसद आपके खेतों की मिट्टी, बच्चों की मुस्कान और मेहनत को अपनाने आए हैं।"

सांसद दुष्यंत सिंह ने भी संबोधन में क्षेत्र के विकास और जनहित को प्राथमिकता बताई। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा।

कार्यक्रम की शुरुआत: पूजा-अर्चना और आशीर्वाद

कार्यक्रम की शुरुआत उन्हेल नागेश्वर जैन तीर्थ में भगवान नागेश्वर पार्श्वनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना से हुई। वसुंधरा राजे और दुष्यंत सिंह ने प्रदेश की खुशहाली की कामना की। तीर्थ पेड़ी के सचिव धर्मचंद जैन ने दोनों नेताओं का विधिवत सम्मान किया। इसके बाद साध्वी भगवंतों से आशीर्वाद लिया गया।